अपनी काबीलियत को पहचानें, फिर सफलता दूर नहीं

हर इंसान के अंदर कोई ना कोई काबीलियत होती है। कुछ लोगों को अपनी प्रतिभा के बारे में जानकारी होती है, जबकि कुछ लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं होता है।

मगर जो लोग खुद पर भरोसा करते हुए अपनी काबीलियत के सहारे आगे बढ़ते हैं, उन्हें सफलता जरूर मिलती है। यही बात एक टीचर ने छात्रों को काफी रोचक तरीके से समझाई।

एक दिन टीचर जब क्लास में पहुंचे, तो उनके हाथ में 100 रुपये का नोट पकड़ रखा था। बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए टीचर ने जेब से 100 रुपये का एक नोट निकाला। अब बच्चों की तरफ वह नोट दिखाकर कहा, बच्चों, क्या आप लोग बता सकते हैं कि यह कितने रुपये का नोट है? बच्चों ने एक साथ कहा, “100 रुपये का”! टीचर ने फिर पूछा, इस नोट को कौन-कौन लेना चाहेगा? सभी बच्चों ने हाथ खड़ा कर दिया।

अब उस टीचर ने उस नोट को मुट्ठी में बंद करके बुरी तरह मसला, जिससे वह नोट बुरी तरह कुचल सा गया। अब टीचर ने फिर से बच्चों को नोट दिखाकर कहा कि अब यह नोट कुचल सा गया है, अब इसे कौन लेना चाहेगा? सभी बच्चों ने फिर हाथ उठा दिया।

अब उस टीचर ने उस नोट को जमीन पर फेंका और अपने जूते से बुरी तरह कुचल कर फिर से बच्चों को दिखाया और पूछा कि अब इसे कौन लेना चाहेगा? सभी बच्चों ने फिर से हाथ उठा दिया।

अब टीचर ने कहा कि बच्चों आज तुमने जिंदगी का बहुत बड़ा सबक सीखा है। ये 100 रुपये का नोट था, जब मैंने इसे हाथ से कुचला तो ये नोट कुचल गया। मगर इसकी कीमत 100 रुपये ही रही, इसके बाद जब मैंने इसे जूते से मसला तो ये नोट गन्दा हो गया। तब भी इसकी कीमत 100 रुपये ही रही।

ठीक वैसे ही इंसान की जो कीमत है और इंसान की जो काबिलियत है वो हमेशा वही रहती है। आपके ऊपर चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएं, चाहें जितनी मुसीबतों की धूल आपके ऊपर गिरे लेकिन आपको अपनी कीमत नहीं गंवानी है। आप कल भी बेहतर थे और आज भी बेहतर हैं।

इस कहानी से हम 3 बातें सीख सकते हैं:

  • जीवन में चाहे कितनी ही मुश्किलें क्यों न आएं, लेकिन अपनी कीमत को खुद की नजरें में और दूसरों की नजरों में कम नहीं होने देना चाहिए।
  • अपनी काबीलियत को पहचानकर जो लोग आगे बढ़ते हैं, उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता जरूर मिलती है। ऐसे लोग मुश्किल समय में भी निराश नहीं होते हैं।
  • सफल व्यक्ति की दुनिया तारीफ करती है, कल जब आप भी समर्थ हो जाएंगे तो लोग आपका भी गुणगान करेंगे। लेकिन आज लोगों की आलोचना से घबराकर अपना रास्ता नहीं बदलना चाहिए।