अली-बजरंग बली विवाद में कूदीं मायावती, जनता को किया सावधान

सबसे पहले यह मुद्दा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उठाया और कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का अली में विश्वास है तो हमारा बजरंग बली में. बाद में आजम खान ने रामपुर में बजरंग अली’ का नया नारा दे डाला.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि चुनावी फायदे के लिए ‘बजरंगबली और अली’ का विवाद पैदा करने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है. इसके साथ ही मायावती ने देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दी.

मायावती ने कहा कि ऐसे समय में जब लोग श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कर रहे हैं, तब चुनावी स्वार्थ के लिए बजरंग बली और अली का विवाद और टकराव पैदा किया जा रहा है. ऐसा विवाद पैदा करने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है.

बीएसपी सुप्रीमो ने जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘जलियांवाला बाग त्रासदी के आज 100 वर्ष पूरे हो गए. आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना.’ उन्होंने कहा, ‘काश, भारत सरकार इस अति-दुःखद घटना के लिए ब्रिटिश सरकार से माफी मंगवाकर देश को संतोष दिलाने में सफल हो पाती.’

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से लोकसभा प्रत्याशी आजम खान ने शुक्रवार को रामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘बजरंग अली’ का नया नारा दे डाला. आजम खान ने एक जनसभा में पहुंचे लोगों से ‘बजरंग अली’ का नारा भी लगवाया. उन्होंने कहा, “आपस के रिश्ते को अच्छा करो, अली और बजरंग में झगड़ा मत कराओ, मैं तो एक नाम देता हूं बजरंग अली.”

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए आजम खान ने कहा कि “मेरा तो दिल कमजोर नहीं हुआ. योगी जी, आपने कहा था कि हनुमान जी दलित थे. फिर किसी ने कहा हनुमान जी ठाकुर थे. फिर पता चला कि वे ठाकुर नहीं थे, वे जाट थे.

फिर किसी ने कहा कि वे हिंदुस्तान के थे ही नहीं, वे तो श्रीलंका के थे. एक मुसलमान एमएलसी ने कहा कि हनुमान जी मुसलमान थे. तब जाकर झगड़ा ही खत्म हो गया. अब हम अली और बजरंग एक हैं.” इसके बाद उन्होंने कहा “बजरंग अली तोड़ दो दुश्मन की नली, बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि.”

इससे पहले मेरठ की जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का अली में विश्वास है, तो हमारा बजरंगबली में विश्वास है.

उन्होंने कहा कि मायावती ने रैली में कहा कि वह सिर्फ मुस्लिम वोटरों का वोट चाहती हैं. यूपी के सीएम ने कहा कि दलित-मुस्लिम एकता संभव नहीं है, क्योंकि विभाजन के वक्त दलित नेताओं के साथ पाकिस्तान में किस तरह का बर्ताव हुआ, ये दुनिया ने देखा है.

सीएम योगी की इस बात पर कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी. इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग से कहा कि वह भविष्य में ऐसा बयान नहीं देंगे. यूपी सीएम ने चुनाव आयोग को भेजे जवाब में कहा कि वह भविष्य में ऐसा बयान देने से परहेज करेंगे.