आजाद और सोज के बयान पर भड़की भाजपा, कहा- लश्कर और कांग्रेस एक जैसे

कश्मीर की सरकार से बेशक भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया है लेकिन वहां की सियासत पर हो रही गहमा-गहमी शांत होती नहीं दिख रही है। गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज के बयानों पर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने कहा कि आजाद और सोज के बयानों पर सोनिया और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए।
प्रसाद ने कहा, ‘जम्मू और कश्मीर में साल 2012 में 72, 2013 में 67 आतंकियों को मार गिराया गया था। जून 2014 में हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद 2014 में 110, 2015 में 108, 2016 में 150, 2017 में 217 और मई 2018 तक 75 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है। ऐसे में गुलाम नबी आजाद को अपनी सरकार और हमारी सरकार के बीच फर्क देखना चाहिए। लश्कर-ए-तैयबा कांग्रेस की बात का समर्थन कर रहा है।’

केंद्रीय मंत्री ने सोज और आजाद के बयानों की वजह से कांग्रेस पार्टी को घेरते हुए कहा कि सोज के बयान पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। आजाद के बयान से आंतकी खुश हैं। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने आजाद के बयान के समर्थन में अपना बयान जारी किया है। लश्कर के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी का कहना है कि महमूद शाह आजाद के बयान से सहमत हैं। सेना पर नागरिकों को मारने का आरोप लगता रहता है। उनके मानवाधिकारों की बात होती है। क्या पत्रकार शुजात बुखारी के परिवार और बहादुर जवान औरंगजेब का कोई मानवाधिकार नहीं है।

निर्मला सीतारमण द्वारा शहीद औरंगजेब के परिवार से मिलने जाने को कांग्रेस ने ड्रामा बताया था। इस पर पलटवार करते हुए प्रसाद ने पूछा कि औरंगजेब से मिलने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण गईं तो क्या यह ड्रामा है। अगर यह ड्रामा है तो 120 करोड़ लोग खड़े होकर कहेंगे कि मरहूम औरंगजेब के जज्बे को सलाम। आप इस तरह सेना के मनोबल को नहीं तोड़ सकते। औरंगजेब के पिता को सलाम जिन्होंने कहा है कि वह अपने दूसरे बच्चों को भी सेना में भेजेंगे। कांग्रेस इस समय उन लोगों के साथ खड़ी है जो देश तोड़ना चाहते हैं। यह किस तरह की राजनीति है?

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविशंकर ने कहा, ‘राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस की सोच, स्वरूप में काफी बदलाव आया है। कांग्रेस गैर-जिम्मेदाराना बयान, सियासत और टिप्पणियां कर रही है।’ राहुल और सोनिया का गुलाम की टिप्पणी पर क्या कहना है। वह उसपर क्या कार्रवाई करने वाले हैं और क्या सोच रहे हैं उसके बारे में बताना चाहिए। वोट के लिए राहुल किसी भी हद तक जा सकते हैं और कांग्रेसी नेता तारिक हमीद कारा की भाषा आतंकियों जैसी है।