आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बनें केंद्र शासित प्रदेश

श्रीनगर। सरदार पटेल की 144वीं जयंती पर आज से एक देश, एक विधान और एक निशान का सपना साकार हो रहा है और लद्दाख के साथ ही जम्मू-कश्मीर भी केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। 70 वर्षों की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार वो दिन आया जब जम्मू-कश्मीर में दो झंडे नहीं बल्कि केवल तिरंगा लहरा रहा है। आज से जम्मू-कश्मीर राज्य अतीत का हिस्सा बन गया है और दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के नक्शे पर उभर आए हैं। आज से दोनों ही राज्यों में अलग-अलग प्रशासनिक व्यवस्था होगी, जिसकी कमान राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर उपराज्यपाल संभालेंगे।

गिरीश चंद्र मुर्मू जहां केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ले चुके हैं वहीं राधाकृष्ण माथुर लद्दाख के पहले उपराज्यपाल बने हैं। लद्दाख बिना विधानसभा का केंद्र शाासित राज्य होगा, जबकि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने आज सुबह लेह में आरके माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और उसके बाद वह विशेष विमान में श्रीनगर पहुंची यहां जीसी मुर्मू को शपथ ग्रहण करवाई।