आतंकी मसूद के बचाव में फिर उतरा पाकिस्‍तान, कहा- ‘पुलवामा हमले के लिए जैश-ए-मोहम्‍मद जिम्‍मेदार नहीं’

नई दिल्‍ली : पाकिस्‍तान ने एक बार‍ फिर आतंकवाद का समर्थन किया है. पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विदेश मीडिया से कहा है कि 14 फरवरी को जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा आतंकी हमले के लिए जैश-ए-मोहम्‍मद जिम्‍मेदार नहीं है. उनका कहना है कि इस हमले की जिम्‍मेदारी जैश ने नहीं ली है. इस मामले में कुछ कंफ्यूजन है. कुरैशी ने यह भी कहा है कि पाकिस्‍तान में मौजूद कुछ लोगों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के शीर्ष आतंकियों से संपर्क किया लेकिन उन्‍होंने इस हमले की जिम्‍मेदारी लेने से इनकार कर दिया.

कुरैशी ने इस बात पर भी कंफ्यूजन जताया कि जैश-ए-मोहम्‍मद ने पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी पहले ही ले ली थी. उसने इसके लिए बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी. बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इस हमले की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने ली थी.

इसके बाद पाकिस्‍तान ने पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के बहावलपुर में स्थित मुख्‍यालय को मदरसा बताया था. साथ ही उसका कहना है कि इसका आतंकवाद से कोई भी नाता नहीं है. पाकिस्‍तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि यह जैश-ए-मोहम्‍मद का मुख्‍यालय नहीं है, बल्कि मदरसा है. भारत अपने प्रोपेगैंडा के तहत इसे जैश का मुख्‍यालय बता रहा है.

पाकिस्‍तान जैश-ए-मोहम्‍मद के मुख्‍यालय को नियंत्रण में लेने वाले अपने दावे से भी मुकर गया है. सोशल मीडिया में जारी एक वीडियो संदेश में फवाद चौधरी ने कहा है कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर स्थित मदरासतुल साबिर और जामा-ए-मस्जिद सुभानअल्‍लाह को प्रशासनिक नियंत्रण में लिया है. यह हमारे नेशनल एक्‍शन प्‍लान का हिस्‍सा है.

पाकिस्‍तान ने शनिवार को स्‍थानीय पत्रकारों को बहावलपुर में दोनों परिसरों का मौका मुआयना करवाया और कहा कि यह सिर्फ एक मदरसा है, जैश-ए-मोहम्‍मद से इसका कोई भी नाता नहीं है. बहावलपुर के डिप्‍टी कमिश्‍नर शाहजेब सईद ने भी कहा है कि इन स्‍थलों का जैश-ए-मोहम्‍मद के चीफ आतंकी मसूद अजहर से कोई नाता नहीं है.

बता दें कि पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार को बताया था, ‘‘पंजाब सरकार ने बहावलपुर स्थित जेईएम मुख्यालयों को अपने नियंत्रण में ले लिया है.’’ मंत्री ने कहा था कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर में दो परिसरों को अपने नियंत्रण में लिया है और उसके कामकाज को देखने के लिए अपना एक प्रशासक नियुक्त किया है. बहावलपुर लाहौर से 400 किमी दूर है. दोनों परिसरों में फिलहाल 70 शिक्षक और 600 छात्र हैं