आम्बेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़, नारेबाजी

 उज्जैन:कोठी के पीछे स्थित भीमराव आम्बेडकर प्रतिमा से बीती रात किसी ने छेड़छाड़ कर दी। सुबह लोगों को जानकारी लगी तो हंगामा खड़ा हो गया। करीब दो दर्जन लोगों ने नारेबाजी करते हुए प्रतिमा को पूजन व सम्मान के साथ पुन: उसी स्थान पर लगाने की मांग की। हंगामे पर सीएसपी माधव नगर पुलिस फोर्स के साथ यहां पहुंची जबकि प्रशासन के अधिकारी भी लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा कोठी के पीछे बगल वाली साइड में वर्ष 2012 में स्थापित की गई थी। इसी प्रतिमा के पास फोटोकॉपी, चाय आदि की गुमटियां वर्तमान में लग चुकी हैं।

सुबह आम्बेडकर समर्थकों को जब यह जानकारी मिली कि किसी व्यक्ति ने पेडस्टल पर लगी प्रतिमा से छेड़छाड़ कर उसे पीछे की तरफ गिरा दिया है तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। इसकी सूचना माधव नगर थाने को भी दी गई। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तब तक दो दर्जन से अधिक आक्रोशित लोग यहां एकत्रित हो गये और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने गुस्साये लोगों को समझाने के साथ ही प्रतिमा को दुबारा उसी स्थान पर लगाने का आश्वासन दिया लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी तेज कर दी। इसी दौरान महापौर मीना जोनवाल भी यहां पहुंच गईं और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया।

सोशल मीडिया का सहारा
प्रतिमा से छेड़छाड़ की सूचना प्रसारित करने के लिये कुछ युवकों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। अपने एंड्रोयड मोबाइल से लाइव वीडियो कॉलिंग करते हुए घटना के विरोध के लिये अधिक से अधिक संख्या में लोगों को कोठी पहुंचने की बात कही गई।

रिपोर्ट लिखाई, मिस्त्री को बुलाया
माधव नगर पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे युवकों से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। पुलिसकर्मी उन्हें थाने भी ले गये। दूसरी ओर पुलिस ने सीमेंट और बालूरेत के साथ दो मिस्त्रियों को भी बुलवा लिया। हालांकि नारेबाजी जारी रहने के कारण दोनों मिस्त्री दूर ही खड़े रहे।

दूसरी जगह स्थापित करें
महापौर के मौके पर पहुंचने के बाद विरोध करने वाले युवकों ने प्रतिमा को कोठी चौराहे, परिसर अथवा अन्य प्रमुख स्थान पर स्थापित करने की मांग भी की। हालांकि अधिकारियों ने ऐसा नियम नहीं होने की बात कही।