आवारा कुत्तों ने 15 दिनों में ,180 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार

उज्जैन। आवारा कुत्तों की समस्या शहर में कोई नई नहीं है। इन दिनों आवारा कुत्तों द्वारा लोगों को बड़ी संख्या में शिकार बनाया जा रहा है। अकेले जिला चिकित्सालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 15 दिनों में 180 से अधिक लोग आवारा कुत्ते के काटने पर उपचार कराने पहुंचे, जबकि इतने ही लोग निजी अस्पतालों में भी उपचार करा चुके हैं। आवारा कुत्तों को पकडऩे की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन निगम अधिकारियों ने शहरवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।

शहर के गली मोहल्ले हों या मुख्य मार्ग सभी दूर आवारा कुत्तों की समस्या व्याप्त है। यह आवारा कुत्ते क्षेत्र में गंदगी तो फैला ही रहे हैं साथ ही बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को काटकर अपना शिकार भी बना रहे हैं। जिला चिकित्सालय के ओपीडी से मिली जानकारी के अनुसार विगत 14 मई से लेकर 28 मई तक आवारा कुत्तों के काटने पर पहली बार इंजेक्शन लगवाने के लिये आने वालों की संख्या 180 से अधिक है। यह आंकड़े भी धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं।

ओपीडी में पदस्थ डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि 15 मई को 8, 16 मई को 8, 17 मई को 13, 18 मई को 11, 19 मई को 6, 21 मई को 42, 22 मई को 11, 23 को 12, 24 मई को 16, 25 को 15, 26 मई को 17, 28 मई को 17 इस प्रकार कुल 179 मरीजों को आवारा कुत्तों के काटने पर पहली बार इंजेक्शन लगाये गये हैं। इनमें रविवार व अवकाश के दिनों की संख्या शामिल नहीं है। यह स्थिति सिर्फ जिला चिकित्सालय के ओपीडी विभाग की है, जबकि शहर के निजी अस्पतालों के आंकड़े निकाले जायें तो यह संख्या दो गुनी हो जायेगी। पूरे शहर में आवारा कुत्ते औसतन 20 लोगों को शिकार बनाते हैं।

वाहन चालक होते हैं खास शिकार
आवारा कुत्ते मोहल्ले में अजनबी व्यक्ति के पहुंचने पर उसको काटने के लिये लपकते हैं लेकिन इन कुत्तों के खास शिकार होते हैं दो पहिया वाहन चालक। जैसे ही दो पहिया वाहन इनके करीब से गुजरता है तो यह आवारा कुत्तों का झुंड वाहन के पीछे लग जाता है। इस दौरान संतुलन बिगडऩे से वाहन चालक गिरकर घायल तो होते ही है वहीं आवारा कुत्तों के काटने से भी घायल हो जाते हैं।

गर्मी में होते हैं अधिक बैचेन
जिला पशु चिकित्सालय प्रभारी डॉ. एम.के. जैन ने आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर किये जा रहे हमले के संबंध में बताया कि गर्मी के मौसम में कुत्तों की नींद पूरी नहीं होने के साथ भोजन व पानी की समस्या के कारण कुत्ते विचलित हो जाते हैं और चिड़चिड़ापन होने के कारण आवारा कुत्ते जनसामान्य पर हमला व काटने की घटना को अंजाम देते हैं।

कुत्ते के काटने पर क्या करें…
रैबीज के संक्रमण के खतरों को कम करने के लिए प्राथमिक उपचार करना बेहद जरूरी होता है। इसलिए अगर किसी को कुत्ता काट ले तो सबसे पहले काटी हुई जगह की सफाई करें, क्योंकि की कुत्ते लार में लाखों बैक्टेरिया होते है। सफाई करते समय विशेष सावधानी बरते और इन बातों का ध्यान रखे।

कुत्ता, बिल्ली आदि जानवराों के काट लेने पर 15 मिनट तक लगातार उस जगह को साबुन और पानी से धोएं।

घाव पर पिसी मिर्ची, मिट्टी का तेल, चूना, नीम की पत्ती आदि ने लगाए।

घाव धोने के बाद कोई एंटीसेप्टिक क्रीम, लोशन, आदि लगाएं।

घाव को खुला छोड़े, खुन ज्यादा निकलने की दशा में केवल पट्टी बांधें।

घाव पर टाके न लगवाएं।

24 घंटे के भीतर डाक्टर को जरुर दिखाए और जरुरत पडऩे पर पहला इंजेंक्शन जरुर लगवा ले।