इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा, महापौर पहुंची थाने

इंदौर। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रहे इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस कार्यकर्ता अंदर घुस आए। उन्होंने यहां हंगामा किया और एमआईसी सदस्य के साथ झूमाझटकी की। इस हंगामे के बाद महापौर मालिनी गौड पार्षदों के साथ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभद्रता का केस दर्ज कराने लसूड़िया थाने पहुंच गईंं।यहां महापौर, सांसद और विधायक के आवेदन पर भी पुलिस ने एफआईआर की बजाए सिर्फ जांच करने की बात कही। इसके बाद महापौर के साथ सभी भाजपा पार्षद थाने के बाहर बैठकर भजन करने लगे। उन्होंने इस दिन को नगर निगम के इतिहास का काला दिवस बताया है, वहां मौजूद विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी इसे शर्मनाक घटना बताया है। इस दौरान मेयर गौड ने एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र से भी चर्चा की, उन्होंने कहा कि पहले जांच की जाएगी, इसके बाद एफआईआर होगी। मेयर ने कहा कि जब तक एफआईआर नहीं होगी हम थाने से नहीं जाएंगे। थाने पर भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, पूर्व विधायक राजेश सोनकर भी पहुंच गए थे।जानकारी के मुताबिक चिंटू चौकसे के नेतृत्व में वार्ड के लोग निगम परिषद सम्मेलन में पहुंचे और प्रदर्शन किया। जलसंकट से परेशान लोग यहां टैंट लगाकर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद वे सम्मेलन हॉल में घुस गए और जमकर नारेबाजी करने लगे और भाजपा पार्षदों को मारने की बात कही। सभापति अजय सिंह नरुका ने हंगामा कर रही माधवी चौकसे को निलंबित करने की चेतावनी दी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को कहना कि लोगों को बाहर निकलवाइए वे अपशब्द कह रहे हैं।