इंदौर में निगम की बड़ी कार्रवाई : व्यापारियों की याचिका खारिज होने के बाद….मनी सेंटर धराशायी…

इंदौर। रंजीत हनुमान के समीप बने मनी सेंटर को लेकर वर्षों से व्यापारी, आईडीए और कोर्ट में लीज को लेकर लड़ाई चल रही थी। दरअसल मनी सेंटर कई मामलों में अवैध निर्माण में भी अव्वल रहा है जिसकी वजह से आईडीए ने भी कई बार इसको लेकर आपत्ति उठाई थी। आज इसे धराशायी कर दिया गया।
कुछ समय पहले यहां की दुकानों पर ताला लगा दिया गया था, जिसके बाद मनी सेंटर के व्यापारी कोर्ट की शरण में चले गए थे। मनी सेंटर में स्थापित कई दुकानों में से आदि दुकानदारों को कोर्ट का स्टे मिल गया था।

जिसके माध्यम से फिर से उन्होंने अपनी दुकानों के ताले खोल दिए थे । इसके बाद फिर एक बार व्यापारियों द्वारा स्थाई रूप से हल निकालने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने आईडीए का पक्ष सुनकर लीज निरस्तीकरण के मामले में आईडीए के पक्ष में फैसला दिया था। जिसके बाद मनी सेंटर की दुकानों को लेकर फिर से विवाद गहरा गया था और अंतत: अब आज नगर निगम की रिमूवल गैंग ने जाकर मनी सेंटर को ढहाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

200 निगमगर्मी और पुलिस बल के साथ, 7 जेसीबी लगाई
शहर के चर्चित भूमाफिया बॉबी छाबड़ा इस मनी सेंटर को लेकर बड़ा खेल किया था। जिसके बाद शासन प्रशासन की नजर में मनी सेंटर आंखों में चढ़ गया था आज सुबह नगर निगम की बड़ी कार्रवाई मनी सेंटर पर हुई जिसमें मनी सेंटर तोडऩे के लिए 200 से करीब निगमकर्मी और पुलिस बल के साथ 7 जेसीबी काम मे लगाई गई थी। प्रशासन और निगम की गैंग ने मिलकर इस आखिरकार धराशाई कर ही दिया।

राज टावर के बाद दूसरी इमारत….
इंदौर शहर में राज टावर के बाद मनी सेंटर ही दूसरी ऐसी इमारत है जो कि सीधे तौर पर भू माफिया की है और उसे तोडऩे की कार्रवाई की गई है। ध्यान रहे कि इसके पूर्व जब मनोज श्रीवास्तव इंदौर के कलेक्टर थे तब एलआईजी तिराहा पर स्थित विराज टावर को तोड़ा गया था और आज गुमास्ता नगर रोड पर स्थित मनी सेंटर को इंदौर विकास प्राधिकरण के मु य कार्यपालन अधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने टुटवा दिया।