इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय भूल कर भी न करें ये 10 गलतियां

जुलाई का महीना आ गया है और हर साल की तरह इस साल भी आपको 31 जुलाई तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरना है. हर साल जरा सी गलती की वजह से कई एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाते हैं. ऐसे में इनकम टैक्स रिटर्न सही तरीके से भरा जाए ये बेहद जरूरी हो जाता है खासकर तब जब आप इसे पहली बार भर रहे हों. आइए जानते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय किस तरह की गलतियां होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है.

1. अंतिम तारीख का इंतजार करना

ज्यादातर लोग इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने के लिए 30 जुलाई तक का इंतजार करते हैं. अंतिम समय में जल्दबाजी के चक्कर में गलतियां होने की गुंजाइश ज्यादा रहती है. इतना ही नहीं किसी तरह की गलती होने पर आपको उसे सुधारने का समय नहीं रहता. सरकार ने रिटर्न भरने की ऑइनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाया है इसलिए आप किसी भी गलती से बचना चाहते हैं तो अंतिम तारीख से पहले रिटर्न फाइल कर लें.

2. रिटर्न के ऑनलाइन-वैरिफिकेशन में देरी

रिटर्न भरने के बाद इसका वेरीफिकेशन बहुत जरूरी होता है. जब तक आपका रिटर्न वैरीफाइड नहीं हो जाता तब तक रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी रहती है. करदाता के पास रिटर्न को वैरीफाइ करने के लिए दो तरीके होते हैं. पहला या तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद इसकी वैरिफिकेशन रसीद आप 120 दिनों के भीतर सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बेंगलुरु को भेज दें. या फिर इसके अलावा अपने रिटर्न को ऑनलाइन वैरीफाइ करने का एक आसान तरीका भी है, जिसे आप नेट बैंकिंग, डीमैट अकाउंट, आधार नंबर और बैंक अकाउंट की डिटेल के माध्यम से कर सकते हैं.

3. गलत व्यक्तिगत जानकारी के साथ फॉर्म भरना

ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने के लिए आपको पहले आयकर विभाग की ऑफीशियल वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा. ई-फाइलिंग करते समय गलती न हो इसके लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, पता, जन्म तिथि, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि को निश्चित कॉलम में ठीक ढंग से भरें.रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया थोड़ी सी जटिल है. किसी भी गलत सूचना की स्थिति में भविष्य में समस्याएं हो सकती हैं.

4.बैकिंग डिटेल में गलती

अगर आप रिफंड के लिए दावा नहीं कर रहे हैं तब भी आपको अपने बैंक खाते की सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है. ई-फाइलिंग करते समय अपने बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी और एमआईसीआर कोड को दोबारा जरूर चेक कर लें.

5. सभी बैंक खातों की डिटेल न भरना

बहुत से लोग अपने सभी बैंक खातों की जानकारी नहीं देते जिनसे उन्होंने उस वित्तीय वर्ष में लेन देन किया है. ऐसा करना गैरकानूनी है क्योंकि आयकर विभाग ने अपने अधिनियम में साफ तौर पर कहा है कि करदाता को अपने नाम पर पंजीकृत सभी बैंक खातों की जानकारी देना जरूरी है. इसके अलावा यदि आपने विमुद्रीकरण (9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच) के समय 2 लाख रुपए से ज्यादा अपने खातों में जमा किया है, तो आपको नकदी जमा की रिपोर्ट के लिए ई-फॉर्म में दिया गया एक कॉलम अलग से भरना होगा.

6. ई-फाइलिंग करते वक्त टीडीएस के आंकड़ों में अंतर

यदि आप डिटेल्स पर ध्यान नहीं देते तो आपका रिटर्न फार्म अमान्य हो सकता है. ये ध्यान रखें कि आपके 26 एएस फॉर्म में आपकी इनकम पर जो टीडीएस के आंकड़े दिए गए हैं वही आपने आईटीआर फॉर्म में भरे गए हों.

7. गलत वित्तीय डेटा देने से बचें

रिटर्न अस्वीकार होने का सबसे बड़ा कारण होता है जब आप अपनी आमदनी की सही सही जानकारी नहीं देते. अगर आपको सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों जैसे आपके घर के किराए, कमीशन, डोनेशन, शार्ट टर्म कैपिटल गेंस आदि से आय होती है, तो इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए. अपने वित्तीय डेटा की जानकारी देते वक्त कई तरह की गलतियां होने की संभावना रहती है, ऐसे में टैक्स विशेषज्ञ का सलाह ले लेना बेहतर होगा.

8. छूट प्राप्त आय को रिपोर्ट न करना

पहले के आईटीआर फॉर्म में दिए गए एक सिंगल कॉलम में आपको टैक्स पर मिले छूट की आय का ब्यौरा देना होता था. लेकिन अब इस नए फॉर्म में कई कॉलम है जहां डिविडेंड, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर मिलनेवाले छूट का ब्यौरा विशेष रूप से देना होता है.

9. रिटर्न भरने के लिए गलत फार्म सबमिट करना

इस साल आयकर विभाग ने आईटीआर फार्म में कई तरह के बदलाव किए हैं. सभी 7 आईटीआर फार्मों में से आपको उस फार्म को सिलेक्ट करना है जो आपकी इनकम पर लागू हो. पिछले साल जिन्हें व्यवसाय के जरिए आय होती थी उनके लिए आईटीआर-4 फार्म था वहीं इस बार ये व्यवसायिक संस्थाओं के लिए आईटीआर-3 फार्म है. करदाता के रुप में आपको इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए ई-फाइलिंग करनी है अन्यथा गतली होने पर आपका फार्म अस्वीकार हो सकता है.

10. आय की गणना में गलती

अपनी आय की सटीक गणना करने के लिए आपको ई-फाइलिंग के दौरान फार्म में सभी कॉलम सावधानी से भरने होंगे. यदि कम्प्यूटर द्वारा दिया गया रिजल्ट आपके दिए गए आंकड़ो से मेल नहीं खाता है तो आप दी गई डिटेल्स को दोबारा चेक जरूर कर लें.