ईश्वर जो समस्या बनाता है उसका हल भी हमें देता है

एक बार बात है जब थॉमस एडिसन फोनोग्राम बना रहे थे। इसी बीच एक मशीन में आवाज आने की समस्या आने लगी। 

उन्होंने इसे सही करने का काम एक सहायक को दे दिया।सहायक ने मशीन में आवाज की समस्या ठीक करने में दो साल तक लगा दिए। लेकिन मशीन ठीक नहीं हो सकी। इसके बाद सहायक एडिसन के पास आया और बोला, ‘इस मशीन में क्या समस्या है मेरे समझ में नहीं आ रहा। मैंने हजारों डॉलर और अपनी जिंदगी के दो साल इसी काम में लगा दिए। लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला।

मैं बहुत निराश हूं और अब मैं इस पर और काम नहीं करना चाहता और इस्तीफा देना चाहता हूं।’ यह कहते हुए उसने अपना इस्तीफा एडिसन को सौंप दिया।’एडिसन ने सहायक की तरफ प्यार से देखा उसका इस्तीफा फाड़ते हुए बोले, मैं मानता हूं ईश्वर की बनाई हुई हर समस्या का हल हमारे पास है।

 हां, उसे निकालने में हमें समय जरूर लगता है। लेकिन समस्या का हल जरूर निकलता है।इसलिए धैर्य से हम बड़ी से बड़ी मुश्किल का हल पा सकते हैं। हर समस्या का हल कभी न कभी जरूर निकलता है। बस उसके जरूरत है तो अखंड सब्र की।