उज्जैन:संघ की सहमति से महिदपुर में तय हो सकता है प्रत्याशी

उज्जैन। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस एवं अन्य दलों के दावेदार पूरी तरह से सक्रिय हो गये हैं। कुछ दावेदार तो ऐसे हैं जो टिकिट पाने के लिये अभी तक दिल्ली, भोपाल के कई चक्कर लगा चुके हैं। वहीं वरिष्ठ नेताओं से लगातार संपर्क में हैं, जबकि अन्य कुछ दावेदारों ने सबकुछ पार्टी पर छोड़ दिया है। यानि टिकिट दे तो ठीक और नहीं दे तो ठीक।
जिले की महिदपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की ओर से दावेदारी करने वाले कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व विधायक डॉ. कल्पना परूलेकर, वरिष्ठ नेता अशोक नवलखा, सरदार सिंह चौहान, हीरालाल आंजना, रणछोड़लाल त्रिवेदी, नपा अध्यक्ष कय्यूम नागौरी, प्रतापसिंह गुर, युवा नेता हेमंतसिंह चौहान आदि के नाम शामिल हैं।

जबकि भाजपा में वर्तमान विधायक बहादुरसिंह चौहान सहित अन्य नाम चर्चा में हैं उनमें बहादुरसिंह बोरमुंडला, भगवानसिंह पंवार, सुधीर मूणत, भगवती जोशी, कैलाशपुरी आदि शामिल हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस बार महिदपुर विधानसभा क्षेत्र से संघ की सहमति से प्रत्याशी का नाम तय हो सकता है और यदि ऐसा हुआ तो विहिप से जुड़े वरिष्ठ नंदकिशोर उपाध्याय अथवा संघ से जुड़े रामप्रसाद पाण्डे में से किसी एक को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

कांग्रेस की हुई थी जमानत जब्त
सन 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के बहादुरसिंह चौहान और कांग्रेस ने डॉ. कल्पना परूलेकर को टिकिट दिया था। जिसके कारण कांग्रेस नेता दिनेशजैन बोस ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ा था। उस दौरान भाजपा प्रत्याशी चौहान को 71096 एवं कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. परूलेकर को 7018 मत मिले थे जिससे कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी।

राजनीतिक समीकरण बदले
वरिष्ठ सांसद कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने के बाद राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं। पूर्व में विधायक होने के नाते डॉ. परूलेकर को टिकिट दिया गया था लेकिन अब कमलनाथ का समर्थक होने के कारण पार्टी फिर से कल्पना परूलेकर को मौका दे सकती है और यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसी अन्य दावेदार को मैदान में उतारा जायेगा।

विवाद में रहा कार्यकाल
महिदपुर के विधायक बहादुरसिंह चौहान ने करोड़ों के विकास कार्य करवाये हैं वहीं इस वर्ष भी कई कार्यों के भूमि पूजन भी करवाये हैं, लेकिन विधायक का कार्यकाल विवादों में रहा है जिसके चलते उनकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंची। एक बार पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के समक्ष पत्रकार ने विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाये थे।

युवक कांग्रेस से टिकिट मिलना तय
उज्जैन जिले की सात विधानसभा सीटों में से किसी एक पर युवक कांग्रेस के नेता को टिकिट दिया जायेगा। यदि किसी अन्य सीट पर युवक कांग्रेस की नेता को टिकिट नहीं मिला तो महिदपुर विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी कर रहे युवक कांग्रेस के अ.भा. युवक कांग्रेस के सचिव हेमंत सिंह चौहान को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।