एडवायजरी कंपनी के 20 कर्मचारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इंदौर. शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाली कंपनी ट्रेड इंडिया रिसर्च एंड एडवाइजरी के 20 कर्ताधर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने 25 लोगों को आरोपी बनाया है। शेष 5 आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी कंपनी की डायरेक्टर नेहा गुप्ता है, जिसे गिरफ्तार किया चुका है। कंपनी में 300 कर्मचारी कार्यरत थे जिन्होंने फेसबुक पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर 7 लाख लोगों का डेटा प्राप्त किया।
एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि मंगल सिटी मॉल स्थित ट्रेड इंडिया रिसर्च एंड एडवाइजरी कंपनी के खिलाफ जम्मू एंड कश्मीर में पदस्थ फौजी राजेंद्र सिंह निवासी साईं कला ने शिकायत की थी कि कंपनी ने निवेश के नाम पर उससे 23 लाख 66 हजार रुपए शेयर कारोबार में लगवाए, लेकिन उसे उसका कोई मुनाफा नहीं मिला। उलटा अपने निवेश किए रुपए मांगने पर उसे कंपनी धमका रही थी। शिकायत के बाद सोमवार को पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कंपनी पर दबिश देकर उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।कंपनी के कर्मचारियों ने देश भर के 26 हजार लेागो को निवेश के लिए काॅल और एडवायजरी के नाम पर ग्राहक बनाया था। इसमें से 21 हजार लोगों को नुकसान होने पर उन्होंने कंपनी को पैसा देना बंद कर दिया था। जबकि 5 हजार लाेग अब भी कंपनी के ग्राहक थे और कंपनी को पैसा दे रहे थे।

खूबसूरत लड़कियों के फोटो लगाकर फंसाया
कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी फेसबुक पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इन फर्जी प्रोफाइल पर खूबसूरत लड़कियों की फोटो लगाई जाती थी और लोगों से चैटिंग की जाती थी। इस तरह देश भर के लगभग 7 लाख लोगों का डेटा कर्मचारियों ने प्राप्त किया था। फिर इन लोगों को कंपनी में काम करने वाले युवक-युवतियां कॉल कर उन्हें ग्राहक बनाते थे। यह काम भी अधिकांश युवतियों से करवाया जाता था। इसके अलावा अन्य सोशल मीडिया के उपयोग से 25 लाख लोगों के मोबाइल नंबर भी प्राप्त किए गए थे।

दिल्ली-हरियाणा में रहने वालों को किया जाता था टारगेट
कंपनी में काम करने वाले युवक-युवतियों को दिल्ली, हरियाणा,पंजाब, जम्मू कश्मीर में रहने वाले लोगों को टारगेट कर उन्हें ग्राहक बनाने को कहा जाता था। कपंनी के हर कर्मचारी को ज्यादा से ज्यादा ठगी करने का टारगेट दिया जाता था। टारगेट पूरा न होने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। टारगेट पूरा नहीं करने पर हर माह कई कर्मचारियों को बगैर वेतन दिए निकाल दिया जाता था। कंपनी के आईटी विभाग में चार आरोपी अजय त्रिपठी, अशोक पटेल, गौरव गर्ग और नेहा गुप्ता ग्राहकों के डीमेट खाता आॅपरेट करते थे।

इन लोगों को पुलिस ने बनाया है आरोपी
– नेहा पति प्रदुम्न गुप्ता, निवासी 87 छत्रपति नगर इन्दौर। मुख्य आरोपी। यह कंपनी की मालिक और डायरेक्टर है।
– मंदार पिता श्यामकान्त कुलकर्णी (30) निवासी धनवंतरी नगर, इंदौर। यह कंपनी में डिप्टी सेल्स मैनेजर के पद पर है।
– अशोक कुमार पिता बैद्यनाथ पटेल (30)। मूलत: रीवा का रहने वाला यह आरोपी कंपनी के आईटी विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में विजय नगर में रहता है।
– अजय पिता अन्नपूर्णा प्रसाद तिवारी (30) मूल निवासी रीवा, वर्तमान निवासी नेहरू नगर। माकेंटिग विभाग में कार्यरत।
– संजय कुमार पिता चक्रधारी प्रजापति (31) मूल निवासी कटनी, वर्तमान निवासी निरंजनपुर रोड देवास नाका इंदौर। रिसर्च टीम में कार्यरत।
-अश्विन पिता राजेन्द्र पाल (32), निवासी गजराज नगर खजराना इंदौर। रिसर्च टीम में कार्यरत।
– विजेन्द्र सिंह पिता बलवन्त सिंह (29) निवासी 124 न्यू गौरी नगर इंदौर। प्रबंधन टीम में कार्यरत।
– मंगल पिता मोहनलाल राठौर (32) निवासी 75 शेखर ड्रीम्स तलावली चांदा इंदौर। प्रबंधन टीम में कार्यरत।
– नवीन कुमार पिता अनिल कुमार (31) निवासी 210 एफ गोल्डन फार्म सोसायटी निरंजनपुर इंदौर। सेल्स विभाग में कार्यरत।
– संदीप पिता जयराम बागडी (22) निवासी 161 शिवशक्ती नगर इंदौर। रिलेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत।
– विक्रान्त पिता अशोक गुप्ता (28) निवासी 306 अांबेडकर नगर एलआईजी इंदौर। फ्लोर मैनेजर
– सतीश पिता मथुरा प्रसाद जायसवाल (31) निवासी 258 प्लेटिनम पैराडाईज लसूडिया इंदौर। सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत।
– अविनाश पिता प्रेमलाल नागेश्वर (29) निवासी 306 अंबेडकर नगर
– फामिद पिता अयूब खान (27) निवासी 505 अंजना स्क्वेयर लसूडिया इंदौर। फ्लोर मेनेजमेन्ट।
– अमन पिता भरत भूषण मनचन्द्रा (27) निवासी 505 कार्तिक एनक्लेव निपानिया इंदौर। कंपनी में सेल्स हेड के पद पर कार्यरत।
– तुषार पिता कृष्णकुमार दिवेदी (28) निवासी 153 प्लेटिनम पैराडाईज लसूडिया। फ्लोर मेनेजर के रूप में कार्यरत।
– शाहरुख पिता निशाद खां (28) निवासी 1004 सिद्धि विनायक बिचौली हप्सी रोड इंदौर। सेल्स विभाग में कार्यरत।
– सचेन्द्र पिता रामगोविन्द बरुआ (27) मूल निवासी भिण्ड, हाल मुकाम सुख संपदा कॉलोनी इंदौर। सेल्स हेड के पद पर कार्यरत।
– शिवेन्द्र कुमार पिता रोशनलाल पाठक (30) मूल निवासी रीवा, हाल मुकाम नादिया नगर इंदौर। रिसर्च टीम में कार्यरत।
– धीरेन्द्र पिता दीनबन्धु शुक्ला (24) मूल निवासी उचहरा जिला सतना, हाल मुकाम 107 शिव शक्ति नगर इंदौर। रिसर्च टीम में कार्यरत।
– अनिष पिता अनिल कुमार जैन, निवासी 16/4 लेाकनायक नगर इंदौर।
– रिया उर्फ रूचिका गौतम, पहली बार फरियादी सैनिक को काॅल करने वाली कर्मचारी। फिलहाल नौकरी छोडकर जा चुकी हैं।
– सुनिल परिहार, रिया उर्फ रूचिका का हेड जिसने सैनिक से पैसे डलवाए थे। नौकरी छोड चुका है।
– प्रतीक कश्यप। आरोपी ने सैनिक को कॉल कर पैसे डलवाए थे। नौकरी छोड़कर जा चुका है।
– बलवीन्दर कौर। सैनिक का केवायसी बनाया था। नौकरी छोड चुकी है।