कंधों पर झोले टांग निकल पड़े स्वच्छता का संदेश देने

उज्जैन।:अमुमन हम सड़कों पर पड़े कचरे को देखकर या तो मुंह फेर लेते है या फिर हम स्वयं भी कचरा फेंकने में गुरेज नहीं करते है….ऐसे ही लोगों को जागरूक करने के लिए भोपाल से सेफुद्दीन नामक व्यक्ति बीती शाम उज्जैन पहुंचे। सेफुद्दीन अपने दोनों कंधों पर दो झोले लटकाकर स्वच्छता का संदेश लेकर जब लखेरवाड़ी तथा गोपाल मंदिर क्षेत्र में पहुंचे तो लोग उन्हेें देखने लगे, लेकिन जब उन्होंने सड़क पर पड़े कचरे को उठाकर झोलों में भरना शुरू किया तो एक बार ही सही मगर कुछ राहगीरों व दुकानदारों ने जरूर उन्हें मदद करना शुरू कर दी।
सेफुद्दीन ने अक्षरविश्व को बताया कि वह २ अक्टूबर गांधी जयंती २०१६ से ही विभिन्न शहरों में अपने खर्च से पहुंचकर सड़कों पर गीला-सूखा कचरा उठाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम कर रहा है। इसी तारतम्य में वह पहली बार ही उज्जैन आए है।
लोग कुछ भी समझे लेकिन…

सेफुद्दीन का कहना है कि लोग उसका स्वरूप देखकर भले ही कुछ भी समझते हो लेकिन उसने जो लक्ष्य ले रखा है, उसे हर हाल में पूरा करना है। इस प्रतिनिधि ने बीती शाम यह देखा कि लोग सेफुद्दीन को देखकर मुस्कुरा रहे थे, स्कूली बच्चे भी मजाक उड़ाने से गुरेज नहीं कर रहे थे परंतु जब उसने चिल्लाते हुए देश को स्वच्छ रखने की बात कही तो लोग सड़कों पर झूके तथा यह भी कहा कि वे अपने शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते है। उन्होंने बताया कि यह हमारा देश है, इसे स्वच्छ रखना भी हम सभी का कर्तव्य है। झोलों में भरे हुए कचरे को वे या तो कचरा कलेक्शन वाहनों में फेंक देते है या फिर लोगों से उस स्थान का पता पूछकर वहीं कचरा फेंकने के लिए पहुंच जाते है, जहां कचरा वाहनों द्वारा एकत्र किया हुआ कचरा ले जाकर फेंका जाता है।