कानून का प्रयोग ढाल के रूप में करें, तलवार के रूप में नहीं

उज्जैन। कानून का प्रयोग ढाल के रूप में करें, तलवार के रूप में नहीं। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शास. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार का आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में मुख्य अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी दिलीप सिंह मुजाल्दा ने कही। उन्होंने छात्राओं को जानकारी दी कि वे किसी भी उत्पीडऩ अथवा अन्याय के विरुद्ध जिला न्यायालय के प्रांगण स्थित इस प्राधिकरण में साधारण आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती है, जिस पर उन्हें नि:शुल्क वकील उपलब्ध कराकर न्याय मिलने तक विधिक प्रक्रिया का समस्त खर्च प्राधिकरण के द्वारा उठाया जाएगा।
अधिवक्ता स्मृति राजपूत ने 354 क एवं 376 जैसे प्रावधानों के विषय में छात्राओं को बताया कि किसी के द्वारा पीछा करने, घूरने, एसिड अटैक एवं बलात्कार आदि के लिए इस प्राधिकरण में आवेदन दिया जा सकता है। अधिवक्ता अपेक्षा शुक्ला ने 109 हेल्प लाइन नंबर से छात्राओं को अवगत कराते हुए बताया कि प्राधिकरण में विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं के पैनल की सुविधा उपलब्ध है जिससे पीडि़त महिलाएं अपने प्रकरण नि:संकोच बता सकंे। सचिन नागर, पुष्पा सोनी,उषा एवं कविता खंडेलवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संयोजन महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मला शाह ने किया। संचालन प्राधिकरण के हरीश जौहरी ने किया। आभार डॉ. अर्चना मेहरा ने माना। शिविर के अंतिम सत्र में खुले मंच का आयोजन हुआ जिसमें प्राणी शास्त्र की प्राध्यापक डॉ. लीना लखानी ने संबोधित किया।