कार्तिक मेले से 11 वर्षीय बालिका का अपहरण के बाद बलात्कार

उज्जैन-कार्तिक मेले में दुकान लगाने वाले गणेशपुरा निवासी व्यक्ति की 11 वर्षीय पुत्री का कार्तिक मेला ग्राउण्ड से अज्ञात महिला-पुरुष ने अपहरण किया और बलात्कार को अंजाम देने के बाद उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया। बालिका को कंठाल चौराहे से लावारिस हालत में गुजरते हुए एफआरवी में बैठे पुलिसकर्मियों ने देखा और उसे महाकाल थाने लाये।

यहां बालिका द्वारा पुलिस को अलग-अलग कहानी सुनाकर बलात्कार की बात कह रही है।पुलिस ने बताया कि गणेशपुरा मक्सीरोड़ पर रहने वाले व्यक्ति ने कार्तिक मेले में गराड़ू आदि खाद्य सामग्री की दुकान लगाई है। वह परिवार के साथ मेले में दुकान संचालित करता है। बीती रात करीब 11 बजे उसकी 11 वर्षीय बेटी मेला मंच के पीछे काम्पलेक्स जाने का कहकर दुकान से गई लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी।

रात 12.30 बजे उसके पिता ने महाकाल थाने पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस को बताया कि अज्ञात बदमाश उसकी लड़की को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। पुलिस ने बालिका की तलाश शुरू की उसी दौरान महाकाल थाने के एफआरवी वाहन में बैठे पुलिस जवानों को कंठाल चौराहे पर रात करीब 3.30 बजे एक बालिका लावारिस हालत में घूमती नजर आई।

पुलिसकर्मी उसे अपने वाहन में बैठाकर थाने लाये और नाम, पता पूछा तो पता चला कि जिस बालिका की गुमशुदगी दर्ज हुई है यह वही बालिका है। उसके मिलने की सूचना परिजनों को दी और बालिका के बयान दर्ज किये।

अलग-अलग कहानी बता रही बालिका-पुलिस ने बालिका से पूछताछ की तो उसने बताया कि एक महिला और एक पुरुष उसे बाइक पर बैठाकर जंगल ले गये थे। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और काफी देर तक यहां-वहां घुमाने के बाद लावारिस हालत में छोड़ गये। पुलिस ने दुबारा बालिका से पूछताछ की तो कहने लगी कि मुझे कॉम्पलेक्स जाते समय रास्ते में एक आंटी मिली, उसने महाकाल मंदिर का पता पूछा, रास्ता बताया तो साथ चलने का कहने लगी और एक व्यक्ति बाइक लेकर आया। उस महिला ने मुझे बाइक पर बैठाया और पीछे से स्वयं बैठ गई जिसके बाद दोनों नानाखेड़ा तरफ सुनसान इलाके में ले गये और बाइक चला रहे व्यक्ति ने दुष्कर्म किया।

कैमरों की मदद लेंगे-मामले की जांच कर रहे एसआई गजेन्द्र पचौरिया ने बताया कि अपहृत बालिका बरामद हो चुकी है, लेकिन वह बार-बार बयान बदल रही है, संभवत: वह कुछ बात छुपा रही है। उसके बयानों से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो कार्तिक मेला और यहां से निकलने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद लेंगे। साथ ही बालिका का मेडिकल कराया जा रहा है।