किराया कम नहीं रखा तो बसों का रुख कर लेंगे यात्री

इंदौर। इंदौर-भोपाल समर स्पेशल ट्रेन को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि इसके किराये को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक इंदौर-भोपाल के बीच में रोज 25 हजार यात्री सफर करते हैं। इसमें से ज्यादातर सड़क मार्ग से जाते हैं। नई ट्रेन के समय की घोषणा 22 फरवरी को होने वाली टाइमिंग कमेटी की बैठक होगी। रेलवे विशेषज्ञों के मुताबिक रेलवे को इस ट्रेन का किराया कम ही रखना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री सफर कर सकें। रेलवे ने सितंबर 2013 में इंदौर-भोपाल के बीच डबल डेकर ट्रेन शुरू की थी। इसका किराया करीब 360 रुपए रखा था। यात्रियों की बेरुखी के कारण इसे बंद कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समर स्पेशल ट्रेन का किराया कम नहीं रखा गया तो यात्री फिर बसों की तरफ रुख कर देंगे। इंदौर-भोपाल के बीच फिलहाल चलने वाली ट्रेन में 45 से लेकर 110 रुपए तक का टिकट होता है जबकि बसों का किराया 180 से लेकर 220 और लग्जरी बसों का किराया 330 रुपए तक है।

ट्रेन से भोपाल जाने में 4 से 5 घंटे लगते हैं। वहीं बस से जाने में 3 से 4 घंटे। नई ट्रेन के समय को लेकर असमंजस है। अगर इस ट्रेन का समय सुबह जल्दी रखा जाता है तो इंदौर-हबीबगंज इंटरसिटी के समय से टकराव होगा। यह ट्रेन अभी सुबह पौने 7 बजे रवाना होती है। इसके बाद का समय रखने से कार्यालयीन कार्यों के लिए भोपाल जाने वाले ट्रेन से दूरी बना लेंगे। दोपहर में 1 से 5 के बीच भोपाल के लिए ट्रेन नहीं है लेकिन इस दौरान इसे चलाने के आसार काफी कम हैं।