किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवकों पर FIR

उज्जैन। वो मेरी भूल थी जो मैं उसके साथ चली गई-किशोरी, शीर्षक से अक्षर विश्व द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद पुलिस ने देर रात किशोरी के बयानों के आधार पर दो युवकों के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और पास्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। किशोरी देर रात महाकाल थाने पहुंची और बयान दर्ज कराये। खास बात यह कि पुलिस की तत्परता और अक्षर विश्व रिपोटर्स की सक्रियता के चलते किशोरी द्वारा बताये गये स्थान पर को दो घंटों की मशक्कत के बाद ही खोज लिया गया।

पटेल नगर के पास धनकुट्टा मोहल्ला में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी का दो वर्ष से पास के मोहल्ले में रहने वाले राहुल नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 8 अक्टूबर को राहुल ने उससे कहा कि मुझे चामुण्डा माता मंदिर के पास दोपहर में मिलना। किशोरी दोपहर करीब 4 बजे चामुण्डा माता मंदिर पहुंची जहां राहुल बाईक पर सवार होकर आया।

उसने किशोरी को बाईक पर बैठाया और एक धर्मशाला में ले गया। यहां रात भर किशोरी को रखा और उसके साथ गलत काम किया। सुबह राहुल किशोरी को धर्मशाला से पुन: बाईक पर बैठाकर अनजान रास्तों पर घुमाते हुए खेत में बनी एक झोपड़ी में ले गया और यहां उसने किशोरी के साथ फिर गलत काम किया।

कुछ देर बाद राहुल का दोस्त आया जिसे किशोरी नहीं पहचानती उसने भी गलत काम किया और देर रात राहुल किशोरी को बाईक पर बैठाकर रामघाट छोड़ गया जहां किशोरी रोते हुए यहां तैनात पुलिसकर्मी मोहन परमार को मिली थी। मोहन परमार ने इसकी सूचना महाकाल थाने पर दी जिसके बाद थाने से महिला पीएसआई सुनीता मेवाड़ा को रामघाट भेजा गया। सुनीता मेवाड़ा ने किशोरी से बातचीत की और तत्परता दिखाते हुए उसके द्वारा बताई गई जगह का रुख किया जिस दौरान अक्षर विश्व रिपोर्टर ने पुलिस की जांच में सहयोग करते हुए खेत में बनी झोपड़ी में पहुंचे।

ऐसे हुआ घटना स्थल का पटाक्षेप

5 वीं पढ़ी 15 वर्षीय किशोरी के साथ खेत में बनी जिस झोपड़ी में दो युवकों ने बलात्कार किया था उसे किशोर सिर्फ दृश्य से पहचानती थी, किसी भी स्थान का नाम पता नहीं था। किशोरी ने बताया था कि झोपड़ी तक पहुंचने से पहले पुल आया, उसके बाद रेलवे पटरी पार की, बाद में नदी भी आई और कुछ देर बाद एक खेत में गये। खेत के पास ही एक दरगाह भी बनी थी।

यह सब बातें दृश्य के रूप में किशोरी को पता थी। इन्हीं दृश्यों के आधार पर पीएसआई मेवाड़ा व रिपोर्टर किशोरी को साथ लेकर चिंतामण ब्रिज तक पहुंचे, यहां एक राहगिर ने बताया कि उसने किशोरी को दो युवकों के साथ पुल पर बैठे देखा था। यहीं से सही मार्ग का पता चला और पुल के नीचे से होते हुए चिंतामण रेलवे क्रासिंग पार किया तो किशोरी को पूरा दृश्य सामने आ गया।

पुल के नीचे से होते हुए आगे नाला पार करते समय किशोरी ने सही रास्ते पर होने की जानकारी दी और खेत में दरगाह की पूछताछ करते हुए टीम पहुंची दाऊदखेड़ी गांव के उस खेत में जहां मुख्य मार्ग से करीब आधा किलोमीटर अंदर झोपड़ी बनी थी। हालांकि झोपड़ी की एक दीवार टूटी थी, अंदर कच्ची जमीन व एक चूल्हा बना था। खेत व झोपड़ी में तो कोई नहीं मिला लेकिन किशोरी ने उसके साथ हुई हरकत की सही जगह को पहचान लिया।