केदारनाथ के बाद आज सुबह खुले बद्रीनाथ के कपाट

सेना के बैंड की धुनों के साथ सोमवार तड़के 4:30 बजे बाबा बद्रीनाथ के कपाट खुले। इस मौके पर मंदिर को फूलों से सजाया गया। लेजर शो के जरिए बाबा बद्रीनाथ की महिमा का चित्रण किया गया। बाहर भक्तों की भीड़ जयकारों के साथ अपनी आवाज ब्रद्रीविशाल तक पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। बता दें कि रविवार तड़के बाबा केदारनाथ के कपाट खोले गए थे।- यहां आर्मी बैंड की धुनों पर भगवान उद्धव और कुबेर की उत्सव डोली, आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा यात्रा रविवार को दिन में 11:30 बजे पहुंच गई थी।

तड़के 3 से 3.30 बजे के बीच राज्यपाल डॉ. केके पाल समेत विशिष्ट व्यक्तियों को वीआईपी गेट से प्रवेश कराया गया। इसके बाद तड़के 3.45 बजे रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठियों का उद्धवजी के साथ मंदिर में दक्षिण के द्वार से प्रवेश कराया गया। फिर भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले गए।

पहले ही दिन भगवान के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया। रविवार देर शाम तक करीब 12 हजार तीर्थयात्री धाम पहुंच गए .सोमवार को भगवान बद्रीनाथ के सिर्फ निर्वाण दर्शन होंगे। इस दिन भगवान को श्रृंगार नहीं किया जाता। विशेष पूजा भी नहीं होती। सिर्फ शाम को आरती होती है। अगले दिन से भगवान की हर दिन विशेष पूजा की जाएगी।

उत्तराखंड में गढ़वाल की बर्फीली पहाड़ियों के बीच स्थित चारों धाम के पट भारी बर्फबारी की वजह से हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं। जो अगले साल अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं।पट बंद होने पर भगवान की मूर्ति शीतकालीन गद्दी स्थल जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में लाकर स्थापित की जाती हैं। इन्हें पट खुलने पर ही केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिरों में ले जाया जाता है।