कोर्ट में पदस्थ युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

इंदौर. एमजी रोड थाना स्थित जिला न्यायालय में पदस्थ एक युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका पति बांधवगढ़ में वनरक्षक है। एक हफ्ते पहले ही वह इंदौर आकर पत्नी से मिलकर गया था। परिजन की मानें तो उसने यह कदम क्यों उठाया, यह जांच का विषय है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर मामले को जांच में लिया है। युवती की 8 महीने पहले ही शादी हुई थी।

पुलिस के अनुसार, कोर्ट में पदस्थ शिवांगी महोबिया राजवाड़ा क्षेत्र में छह महीने से किराए से रह रही थी। मकान मालिक का कॉल आया था कि एक युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी है। इसके बाद हम मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। युवती ने फांसी क्यों लगाई इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। उसका मोबाइल जब्त कर जांच में लिया गया है।

मृतका शिवांगी के पिता संतोष कुमार महोबिया ने बताया कि अप्रेल 19 में बेटी की शादी हुई थी। ये लोग जबलपुर के रहने वाले थे। बेटी शिवांगी इंदौर में कोर्ट में नौकरी करती थी, जबकि पति पवन वन विभाग में हैं और बांधवगढ़ में पोस्टेड हैं। बेटी राजवाड़ा क्षेत्र में किराए से रह रही थी। पति-पत्नी दाेनाें ही बहुत अच्छे से रहते थे। छुट्टी के समय ये एक-दूसरे के पास चले जाते थे। बेटी ने एेसा कदम क्याें उठाया इस बारे में कुछ पता नहीं है।

पति पवन महाेबिया ने बताया कि मैं बांधवगढ़ में वनरक्षक के पद पर हूं। रात काे पत्नी का फोन आया था। सामान्य बात हुई। मैं जबलपुर घर आया था, सुबह जॉब पर निकलना था, इसलिए मैंने उन्हें कहा था कि अब सो जाओ मुझे सुबह जल्दी उठकर ट्रेन पकड़नी है। सुबह ट्रेन से मैंने कॉल लगाया तो उन्होंने नहीं उठाया। उसके बाद उनके साथ काम करने वाली अंटी को कॉल किया तो उन्होंने बताया कि अब तक ऑफिस नहीं आई है। इसके बाद मकान मालिक से बात की, उन्होंने जाकर दरवाजे से झांका तो घटना का पता चला। इसके बाद उन्होंने मुझे कॉल कर जानकारी दी। पति ने बताया कि हमने रिटायरमेंट तक की प्लानिंग कर ली थी। हम हमेशा सुख रहते थे।