कोशिश करते रहने से ही मिलती है सफलता

अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए, हमारे रास्ते में कई बार रुकावटें आती हैं। हम असफल हो जाते हैं। इससे डर कर कुछ लोग अपना रास्ता बदल देते हैं, तो कुछ उनकी परवाह किए बिना अपने रास्ते पर चलते रहते हैं। ऐसे में मंजिल सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलती है, जो प्रयास करना बंद नहीं करते हैं।

असफलताएं तो रास्ते के वह पड़ाव हैं, जो आगे बढ़ने के लिए सीख देते हैं। हमारी आज की कहानी भी यही बताती है।

स्काटलैंड का सम्राट ब्रूस को अभी गद्दी पर बैठे ज्यादा समय नहीं हुआ था कि दुश्मनों ने आक्रमण कर दिया। बड़ी मुश्किल से संभल पाया था कि दुबारा फिर हमला कर दिया गया। हारते-हारते बचा। इसके बाद इस बार कई राजाओं ने हमला कर दिया, तो बेचारे की राजगद्दी भी छिन गई। लगातार चौदह बार की असफलताओं के कारण उसके सैनिक भी कहने लगे कि ब्रूस के भाग्य में सब कुछ है, पर विजय नहीं, उन्होंने साथ छोड़ दिया।

निराश ब्रूस एक पहाड़ी पर बैठा था। उसका राजपाट सब छिन चुका था। वफादार सैनिक कुछ कैद कर लिए गए थे, कुछ मारे गए और जो बचे थे उन्होंने ब्रूस का साथ छोड़ दिया था। अचानक उसकी नजर एक मकड़ी पर पड़ी जो हवा में उड़कर एक-दूसरे पेड़ की टहनी से जोड़कर जाला बुनना चाह रही थी।

मगर, उसका जाला हर बार टूट जाता था। ब्रूस ने देखा कि मकड़ी ने 20 बार प्रयत्न किया, फिर भी हिम्मत न हारी। 21 वें बार अन्ततः वह सफल हो गई, तो ब्रूस उछला और बोला – अभी तो सात अवसर बाकी हैं, अभी हिम्मत क्यों हारूं? उसने एक बार फिर अपनी सारी ताकत बटोरकर चढ़ाई शुरू कर दी। वह अपने महल पहुंचा और दुश्मनों पर हमला बोल दिया। उसने न केवल अपना राज्य वापस कर लिया, बल्कि सभी दुश्मनों को परास्त करता हुआ सबका सम्राट बन बैठा।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है

  • बार बार प्रयत्न करने से ही कार्य सिद्ध होते हैं, आपकी क्षमताएं अनंत क्यों न हो निरंतर प्रयासरत रहें।
  • प्रयास छोड़कर बैठने से हम निराशा के भंवर में फंस जाएंगे और अपने सपने कभी पूरे होते हुए नहीं देख पाएंगे।
  • कोशिश करने ही तो हमें पता चलता है कि हमने कहां गलती की। दुनिया ऐसे उदाहरणों से भरी पड़ी, जिसमें लोगों ने हार के बावजूद अपना प्रयास जारी रखा और अंततः जीत हासिल की।