क्या आपने पहले कभी सुना है माइक्रोकरंट फेशियल के बारे में? स्किन को मिलते हैं ये फायदे

आप कई तरह के क्लीनअप और फेशियल जैसे फ्रूट फेशियल, गोल्ड फेशियल, पर्ल फेशियल आदि के बारे में ज़रूर सुन चुके होंगे लेकिन क्या आपने कभी माइक्रोकरंट फेशियल का नाम सुना है? अगर अब तक इस बारे में नहीं पता चल पाया है तो इस आर्टिकल की मदद से आपको माइक्रोकरंट फेशियल के फायदे, प्रोसेस, स्किन टाइप आदि के बारे में जानने को मिल जाएगा।

क्या है माइक्रोकरंट फेशियल?

माइक्रोकरंट फेशियल एक तरह की फेशियल प्रक्रिया ही है जो चेहरे की फेशियल मसल्स को टोन करता है, टेक्सचर अच्छा करता है और साथ में ग्लोइंग और दमकती त्वचा देता है। इस प्रक्रिया में मशीन और कुछ केमिकलयुक्त उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसमें दर्द नहीं होता है।

इस फेशियल में त्वचा के पोर्स को टाइट किया जाता है, इस वजह से इसे एंटी एजिंग फेशियल भी कहते हैं, जिससे आप जवां नज़र आते हैं। माइक्रोकरंट फेशियल ट्रीटमेंट में एक सेशन के लिए आपको 200 डॉलर खर्च करने पड़ेंगे, लेकिन ये सैलून पर निर्भर करता है।

आप जितने ज़्यादा महंगे सैलून में जायेंगे वहां इसका दाम भी ज़्यादा होगा। मगर कुछ डर्मोटोलॉजिस्ट भी हैं जो माइक्रोकरंट फेशियल पैकेज की सर्विस देते हैं।

माइक्रोकरंट फेशियल के फायदे 

माइक्रोकरंट फेशियल से त्वचा को कई तरह के फायदे मिलते हैं: 

त्वचा के टेक्सचर को बेहतर बनाता है। ये आपकी जॉलाइन को डिफाइन करता है और आपके आईब्रोज़ को भी अपलिफ्ट करता है। ये समय से पूर्व एजिंग के साइन को कम करता है और त्वचा की बारीक़ लकीरों, झुर्रियों को कम करता है।

ये ब्लड सर्क्युलेशन को बेहतर करता है जिससे चेहरा दमकता हुआ नज़र आता है। ये आपकी त्वचा को डिटॉक्स करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालता है जिससे स्किन हेल्दी दिखती है। ये स्किन पर एक्ने और पिंपल्स की मौजूदगी को भी कम करता है। ये डेड स्किन हटाकर बंद पोर्स को खोलता है। स्किन टोन को एकसमान करता है।

कैसे किया जाता है माइक्रोकरंट फेशियल?

माइक्रोकरंट फेशियल की प्रक्रिया सिंपल और आसान है। ये सैलून में प्रोफेशनल द्वारा ही की जाती है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले क्लींजिंग किया जाता है। कुछ लोगों के चेहरे पर मेकअप लगा होता है या फिर कोई लोशन, क्रीम या टोनर का इस्तेमाल करने के बाद सैलून पहुंचते हैं।

इस वजह से डर्मोटोलॉजिस्ट इस सेशन की शुरुआत चेहरे की क्लींजिंग के साथ करते हैं। दूसरे स्टेप में, एक्सपर्ट्स मैग्नीफाइंग लैम्प्स की मदद से आपकी स्किन की जानकारी जुटाते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि आपकी त्वचा की ज़रूरत क्या है।

अगले स्टेप में हॉट स्टीम दिया जाता है। आपने नार्मल फेशियल के दौरान भी स्टीम लिया होगा। इसकी मदद से त्वचा के पोर्स खुल जाते हैं और वो नरम हो जाते हैं। चौथे स्टेप में आता है एक्सफोलिएशन।

इसमें डर्मेटोलॉजिस्ट मैकेनिकल प्रक्रिया की मदद से त्वचा के डेड सेल्स हटाते हैं। इसमें डर्मोटोलॉजिस्ट मसाज करते हैं ताकि आपके फेशियल मसल्स रिलैक्स होकर सांस ले सके। अगले स्टेप में फेस मास्क का इस्तेमाल किया जाता है।

इस प्रोसेस में एक्सपर्ट पील ऑफ मास्क की एक लेयर चेहरे पर लगाते हैं और ये मास्क आपकी स्किन टाइप को देखकर चुना जाता है। इसे लगा कर 20 मिनट तक रखा जाता है और फिर सूखने के बाद हटा लिया जाता है। फाइनल स्टेप में, डर्मोटोलॉजिस्ट टोनर लगते हैं और इसे आपके चेहरे पर ही लगा छोड़ देते हैं।