गुजरात के डिजाइनर दीपों से जगमगाएगी दीपावली

उज्जैन:दीपोत्सव के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। आधुनिक साधनों की चकाचौंध में भारतीय परंपरा अनुसार मिट्टी के दीपक और कलश की खास अहमियत है। दीपावली पर अंधेरे पर उजाले की जीत का संदेश देते टिमटिमाते दीप हमारी संस्कृति को आज भी जीवित रखे हुए हैं।
दीपावली पर चारों ओर दीपों की जगमगाहट देखते ही बनती है। इस बार परंपरागत मिट्टी के दीपक के साथ अहमदाबाद और सूरत के डिजाइनर दीपक भी बाजार में मौजूद हैं। अलग-अलग शेप में मिट्टी से ही बने यह दीपक देखने में काफी आकर्षक हैं जो शहरवासियों को लुभा रहे हैं। ऐसे में कुम्हारों द्वारा बनाए गए पारंपरिक दीपक की मांग है। छोटे से लेकर बड़े दीपक में कई विभिन्न वैरायटियां मौजूद हैं।

स्वस्तिक, पंच दीप, पॉट शेप सहित अन्य डिजाइनर दीपक मिल जाएंगे जिन्हें अलग-अलग कीमतों पर बेचा जा रहा है। व्यापारियों ने बताया यह दीपक अहमदाबाद और सूरत से मंगवाए जाते हैं। दीपावली पर मिट्टी से बने पारंपरिक दीपक का महत्व है। बाजार में मौजूद कई तरह के दीपकों की अलग-अलग कीमतें हैं। परंपरागत दीपक ३० से ४० रुपए के २५ नग हैं, वहीं डिजाइनर दीपक की कीमत २ से ५ रुपए प्रति नग है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक दीपक भी बाजार में मिल जाएंगे। हालांकि इनकी डिमांड काफी कम है।

सूरत से मंगवाए हैं डिजाइनर दीपक
बियाबानी निवासी दीपक प्रजापति ने बताया सूरत से बड़ी मात्रा में डिजाइनर दीपक बाजार में आए हैं। सूरत से थोक में मिट्टी के डिजाइनर दीपक मंगवाए हैं। इनके डिमांड भी काफी अच्छी है। डिजाइनर दीपक रिटेल में ग्राहकों को प्रति नग के हिसाब से बेच रहे हैं। थोक में एक दीपक की कीमत २ रुपए है।