गुरुवार को करें ये उपाय, होगी सभी मनोकामनाएं पूर्ण

गुरुवार के दिन भगवान श्रीहरि विष्णुजी की पूजा की जाती है। कई जगह देवगुरु बृहस्पति व केले के पेड़ की पूजा करने की भी मान्यता है। बृहस्पति बुद्धि के कारक माने जाते हैं, हिन्दुओं की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केले का पेड़ पवित्र माना जाता है।

गुरुवार के उपाय:आज के प्रतियोगी जीवन में एक अदद नौकरी और उसमें निरंतर प्रगति करना किसी के जीवन की खुशी का मूल हो सकता है। बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु का दिन माना जाता है, साथ ही देवगुरु बृहस्पति खुशहाली और समृद्धि के देवता माने गए हैं, इसलिए इस दिन किए गए कुछ ज्योतिषीय उपाय आपको नौकरी, व्यापार में सफलता और तरक्की दे सकते हैं।

व्रत:गुरुवार का व्रत रखना इसका सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। नौकरी में जल्दी प्रमोशन पाने, नई नौकरी पाने अथवा व्यापार वृद्धि के लिए 1 से 3 वर्षों तक या कम से कम 16 गुरुवार का व्रत करें। व्रत के दिन केले के पेड़ में गुड़ मिला जल डालना ना भूलें। व्रत ना कर सकें तो गुरुवार के दिन कोशिश करें कि केले के वृक्ष का दर्शन करने के बाद ही भोजन करें। नियमित रूप से हर गुरुवार को जल में हल्दी तथा पीले सरसों के दाने मिलाकर केले के वृक्ष में डालें।

दान:अगर यह सब संभव ना हो तो इस दिन कुछ वस्तुओं का दान करना भी आपके लिए लाभकारी होगा। इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को पीली वस्तुएं, कपड़े, पीले फल, घी, शहद, हल्दी, धर्मग्रंथ, नमक तथा बृहस्पतिदेव का रत्न पुखराज का दान करें।

केले का त्याग:कुंडली में कमजोर गुरु होने की दशा में इस दिन केला भूलकर भी ना खाएं और इसका दान करें। लेकिन ध्यान रहे कि दान केवल किसी गरीब, भूखे या जरूरत को ही करें, अन्यथा यह फलदायी नहीं होगा।

गुरुजनों की सेवा:इसके अलावा वृद्धों और बड़े-गुरुजनों की सेवा भी आपको लाभ देगा। संभव हो तो किसी वृद्धाश्रम में जाकर उनकी सेवा करें और उनके साथ अच्छा समय बिताएं। किंतु यह सब नि:स्वार्थ भाव से करें। गीता के अध्याय दो में कहा गया है – ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते, मा फलेषु कदाचन:।

कुछ अन्य उपाय:बेरोजगारी से परेशान हों या अच्छी नौकरी की तलाश में हों, तो किसी ऐसे कुएं में दूध प्रवाहित करें जो सूखा ना हो। संभव हो तो किसी जरूरतमंद को काले रंग का कंबल उपहार में दें। प्रमोशन पाने के लिए हर सुबह नंगे पांव हरी घास पर चलें। इसके अलावा छ: मुखी रुद्राक्ष की 108 मनकों की ऐसी माला बनवाएं जिसमें हर मनके के बाद चांदी पिरोया हो। इसे धारण करें।