चांदी के रथ में प्रभु, बग्घी में निकले तपस्वी

उज्जैन। श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पूर्ण होने व तपस्वियों के अनुमोदनार्थ खाराकुआं स्थित श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी मंदिर से गुरुवार सुबह 8.30 बजे एक किमी लंबी रथयात्रा निकली। इसमें दो बैंड, 11 बग्गी, हाथी, इंद्र ध्वजा, चांदी का प्रभु रथ सहित समाजजन शामिल हुए। बग्घी पर सवार तपस्वियों की मार्ग में समाजजनों ने अनुमोदना की। यात्रा पुन: मंदिर आकर धर्मसभा में परिवर्तित हुई। यहां तपस्वियों का मोती की माला, शाल-श्रीफल से बहुमान किया गया।
पेढ़ी ट्रस्ट सचिव जयंतीलाल जैन तेलवाला व मीडिया प्रभारी राहुल कटारिया के अनुसार साध्वी हेमेंद्र श्रीजी, चारूदर्शा श्रीजी मसा की निश्रा में निकली रथयात्रा में युवतियों ने गरबा किया। सांसद अनिल फिरोजिया भी रथयात्रा में शामिल हुए और साध्वी मंडल से आशीर्वाद लिया। रथयात्रा पेढ़ी मंदिर पहुंची। यहां धर्मसभा में 31 दिन के गर्म जल उपवास रखने वाले संजय कुमार जैन, 9 उपवास के तपस्वी जय तरवेचा, अठाई के तपस्वी नेमीचंद सालेचा, किरण सालेचा, कुसुम जैन, शुभम् जैन, अमन जैन खलीवाला सहित अन्य तपस्वियों का बहुमान हुआ।

प्रभु की अंगरचना बनाने वालों का सम्मान
पर्युषण पर्व दौरान प्रभु की मनभावन अंगरचना करने वाले शांतिलाल शेखावत, जितेंद्र शेखावत, लोकेश जैन, लालचंद फूलेरा, शैलेंद्र सिरोलिया, प्रिया जैन, खुशी जैन को भी पेढ़ी ट्रस्ट ने सम्मानित किया।

9 सितंबर से नवकार महामंत्र तप आराधना
9 सितंबर से पेढ़ी मंदिर पर नवकार महामंत्र की तप आराधना शुरू होगी। विश्व कल्याण की कामना से नवकार जाप होंगे और समाजजन एकासना रखकर प्रतिदिन नवकार के एक पद का विशिष्ट पूजन करेंगे। इसकी कुंभ स्थापना का लाभ जवाहरचंद फतेहचंद उन्हेलवाला ने लिया।