छंटाई के नाम पर धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटाई

उज्जैन। एक ओर नगर निगम सहित अन्य शासकीय विभाग बारिश के मौसम में जगह-जगह पेड़ लगा रहे हैं ताकि शहर हरा भरा रहे वहीं दूसरी ओर शहर की कालोनियों में छंटाई के नाम पर हरे भरे पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई हो रही है वह भी वन विभाग और नगर निगम की परमिशन के बगैर।
पेड़ काटने वाले कालोनियों के बड़े पेड़ों को छांटने के नाम पर घर घर घूमते हैं और नीम, जामुन, गुलमोहर, बगनबेलिया जो बारिश के मौसम में फलते फूलते हैं उन्हें छांटने के लिये लोगों से बात करते हैं। इन्हीं पेड़ों की छंटाई के नाम पर पेड़ काटने वाले पूरा पेड़ साफ कर देते हैं खास बात यह कि पेड़ को पूरी तरह से काटने के बाद उसकी लकड़ी साथ ले जाते हैं और कचरा भी हटा देते हैं ताकि आसपास के रहवासियों को तकलीफ न हो। कालोनियों में इन प्रकार छंटाई के नाम पर हो रही पेड़ कटाई से वन विभाग और नगर निगम के अधिकारी अनजान हैं। उक्त विभाग के अधिकारी शहर में पौधारोपण के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं ताकि शहर हरा भरा रहे वहीं दूसरी ओर धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई जारी है।