छोटी-छोटी तकरार से बिगड़ सकते हैं दिल के रिश्ते, इन 5 तरीकों से सुलझाएं ऐसे मामले

हर रिश्ते में छोटी-मोटी अनबन, नाराजगी या तकरार तो चलती ही रहती है। ये बातें आपके रिश्तों की डोर को मजबूत बनाती हैं। कहते हैं न कि जहां भी दो बर्तन होते हैं, थोड़ा शोर तो होता ही है।

मगर यदि यही तकरार जल्दी-जल्दी होने लगे और ज्यादा होने लगे, तो आपके रिश्ते को खराब भी कर सकती है। कई बार नाराजगी और मतभेद इतने बढ़ जाते हैं कि रिश्ता टूटने की भी नौबत आ जाती है।

ऐसा खासकर तब होता है जब 2 में से 1 साथी किसी गलती को बार-बार दोहराता है। कुछ ऐसी बातें हैं, जिन्हें ध्यान में रखें तो आपके रिश्तों में ऐसी बातें पैदा नहीं होंगी।

झगड़े के बाद बातचीत न बंद करें

झगड़े के बाद अकसर लोग बातचीत करना बंद कर देते हैं, जिससे गलतफहमियां दूर ही नहीं हो पाती। चुप रहकर वे एक-दूसरे के बारे में नकारात्मक सोच को बढ़ाते हैं और रिश्ते में कड़वाहट बढ़ती ही चली जाती है।

संबंधों में सहजता के लिए आवश्यक है कि आप दोनों की बातचीत हमेशा जारी रहे। क्योंकि जिस रिश्ते में बातचीत कितनी भी विषम परिस्थितियों आने पर भी बंद नहीं होती है, वहां न केवल एक-दूसरे के लिए हमेशा प्यार बना रहता है बल्कि सम्मान भी बढ़ जाता है।

खूबसूरत दिनों को याद करें

झगड़े के समय बहुत अधिक गुस्सा आता है और कई लोगों को एक-दूसरे से बातचीत करने का और शक्ल देखने का भी मन नहीं करता।

लेकिन ऐसे में एक-दूसरे से बातचीत बंद करने के बजाए अपने गुस्से को कम करने के लिए साथ बिताए उन खूबसूरत दिनों को याद करें, जो आपको खुश करते हैं। आपकी जिंदगी में कई ऐसे यादगार लम्हे होंगे, जिन्हें याद कर आप अपना गुस्सा कम कर सकते हैं।

पार्टनर का मूड देखें

किसी बात पर तकरार हो जाने के बाद हमेशा अपने पार्ट्नर के मूड को जानें और उसके बाद ही कोई बात शुरू करें। क्योंकि मूड खराब होने पर गुस्सा और बढ़ जाता हैं और बनती बात भी बिगड़ सकती है।

इसलिए ध्यान रखें जब किसी का मूड खराब हो तो उस वक्त किसी भी बात पर बहस न करें और फिर सही मूड देखकर बात करें।

बहस करके बात न बढ़ाएं

घमंड और अहम को जरा एक तरफ कर दें। बहस में व्‍यक्ति की कोशिश स्‍वयं को सही ठहराने की होती है। वह जोर जबरदस्‍ती से भी अपनी बात को सच साबित करना चा‍हता है।

यही परिस्थिति असंतोष को जन्‍म देती है। इसमें किसी का लाभ नहीं होता। ठंडे दिमाग से दूसरे पक्ष की बात सुनें। चीजों को दूसरे कोण से देखने की भी कोशिश करें। आप पाएंगे कि अधिकतर झगड़े बेकार की पुरानी बातों पर ही होते हैं।

माफी जरूर मांगें

माफ करने के लिए बड़ा दिल चाहिए। आपको सामने वाले की गलती माफ कर देनी चाहिए। आपको समझौता करने का भी प्रयास कर लेना चाहिए। लेकिन, अपनी ईमान से समझौता न करें।

इसके अलावा अगर आपको लगे कि आपसे कोई गलती हो गई है, तो उसे स्‍वीकार करें और दिल से उसके लिए माफी मांगें। याद रखिये माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता। अपनी गलती को दिल से स्‍वीकार कर लेना दरअसल आपकी सज्‍जनता को ही दर्शाता है।