जरूरी है अपनी क्षमता को पहचानना

कई बार मैं सोचती हूं कि काश मेरा जीवन बेहतर होता! अगर मेरे पास ज्यादा पैसा या कोई दूसरी नौकरी या काम होता, तो मैं कई चीजें ज्यादा आसानी से कर पाती। मुझे लगता है कि आपके दिमाग में भी कई बार ऐसी बातें आती होंगी। अपनी पूरी क्षमता से काम करने का मतलब यह नहीं हैं कि आपकी कार्य-सूची में दर्ज काम आपके संसाधनों और समय-सीमा के भीतर बिना किसी बाधा के पूरे हो ही जाएं। इस मामले में आपको थोड़ा उदार दृष्टिकोण रखना होगा। सब कुछ आपके अनुसार नहीं हो सकता, इस बात को समझ लेना ही वास्तव में अपनी क्षमता को समझ लेना है। आपका स्कूल आपको ये बातें नहीं सिखा सकता या कई बार स्कूली ज्ञान से आप अपनी क्षमताओं को नहीं पहचान सकते। बहुत कुछ आपको जीवन सिखाता है। अगर आपको लगता है कि आप अपनी क्षमता से कम कर पा रहे हैं, तो इन सलाहों पर भी अमल करके देखें:

यथार्थवादी बनें
आप जो हैं, वही रहें और खुद को उसी रूप में प्यार करें। आशावादी रहें, काम में जुटे रहें और अपने अंदर दया के भाव को बनाए रखें। अधिकांश लोग इस जरूरी बात को भूल जाते हैं और यही सोचते हैं कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। जीवन में यथार्थवादी और सार्थक लक्ष्य निर्धारित करें और खुद में यकीन रखें।

दुनिया रेस का मैदान नहीं है
हममें से ज्यादातर लोगों का मानना है कि हर व्यक्ति अपना सर्वश्रेष्ठ हासिल करने के लिए पैदा हुआ है। अगर आप दौड़ना बंद कर देंगे, तो ठहर कर अपनी उन योग्यताओं के बारे में सोच पाएंगे, जो आपके अंदर हैं। ‘अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम करने’ का मतलब कुछ ऐसा ही है। जैसे ही आप यह सोचना शुरू करेंगे कि दुनिया प्रतिस्पर्धा का नाम नहीं है, तो आप इस बात पर हैरान होना बंद कर देंगे कि आप पहली पायदान पर क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं।

खुद से अपनी मां की तरह व्यवहार करें
आपने अपनी मां से कई बार ये बात सुनी होगी कि ‘तुम जीनियस हो, फिर क्यों तुम क्लास में बहुत अच्छा नहीं कर पा रहे हो?’ यह खुद को प्रेरित करने का सबसे अच्छा तरीका है। जब आप अपनी मां की तरह खुद से व्यवहार करेंगे, तो आप खुद में ज्यादा विश्वास करना शुरू कर देंगे। आपकी सोच सकारात्मक हो जाएगी। आपके जीने और सोचने का तरीका बदल जाएगा।

स्वीकारें कि कुछ चीजों को ठीक करना जरूरी है
इस बात को समझना बहुत जरूरी है कि दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है। किसी मनुष्य की कमियां ही उसे दूसरों से अलग बनाती हैं, उसे अनूठा बनाती हैं। किसी भी व्यक्ति को समय-समय पर अपने जीवन में उन क्षेत्रों के बारे में जानने की जरूरत है, जहां उसे असफलताओं का सामना करना पड़ता है। किसी चीज में असफल हो जाना बहुत सामान्य बात है और उसमें सफल होने में समय लगता है, तो कोई बात नहीं। किसी खास क्षेत्र में बहुत अच्छा नहीं कर पाने पर खुद को लानत-मलामत करने की जरूरत नहीं है। आपमें जो खूबियां हैं, उनके लिए खुद को सराहिए और साथ ही, मनोवांछित परिणाम हासिल करने के लिए थोड़ा और प्रयास कीजिए।

सीखें छोड़ने की कला
अकसर लोग मन में कई तरह का बोझ लिए हुए जीते हैं। भावनात्मक बोझ हमें परेशान करता है। इससे न केवल काम पर ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होती है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचता है। यह समझें कि जीवन में कई बार चीजें हमारी जरूरत के अनुसार काम नहीं करतीं। कुछ लोग जीवन में कुछ समय के लिए आपकी मदद कर सकते हैं या कोई नौकरी आपको कुछ समय के लिए खुशी दे सकती है। पर, जब कोई व्यक्ति या कोई चीज आपके व्यक्तिगत विकास या खुशी में आगे और योगदान नहीं दे पा रही है, तो उसे जाने दीजिए। पकड़ कर मत रखिए। यह आदत जीवन में नई और बेहतर चीजों के लिए स्थान बनाने में मददगार होती है।

खुद के लिए भी निकालें समय
हम बहुत एकरस जीवन जीते हैं। इससे हमें ऊब महसूस होने लगती है। हम अकसर भूल जाते हैं कि हमारे मस्तिष्क और शरीर को कुछ आराम की जरूरत होती है। यह बहुत जरूरी है कि अपने लिए कुछ समय निकाला जाए, जिसमें आप रिलैक्स कर सकें, किताबें पढ़ सकें या कहीं घूमने के लिए जा सकें। अपने लिए समय निकालने से न सिर्फ आपको सुकून मिलेगा, बल्कि आगे की योजना बनाने के लिए नए विचार सोचने में भी मदद मिलेगी। अपने शौक को पूरा करने या वैसी चीजें करने के लिए कुछ समय निकालें, जिनसे आपको संतुष्टि और प्रसन्नता महसूस होती है।

छोड़ें आसान काम चुनने की आदत
जो चीजें हमारे कम्फर्ट जोन में होती हैं, उन्हें करने के लिए हमें खास कोशिश नहीं करनी पड़ती। पर, इस बात को समझना भी जरूरी है कि केवल कम्फर्ट जोन की चीजें करने से ही आप सफल नहीं हो सकते। इस जोन से बाहर कदम निकालने और कुछ नया आजमाने में डरे नहीं। नई जगह, नई नौकरी, नया काम, जितना हो सके, नई चीजें आजमाएं। शुरू में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन एक बार आदत पड़ जाने से धीरे-धीरे सारी चीजें ठीक हो जाएंगी। प्रयोग करने में नहीं हिचकें। कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने पर जान पाएंगे कि जिंदगी ने आपके लिए क्या संजो कर रखा है। चीजों को ठीक से करने की कोशिश कीजिए, आदर्श रूप से करने के चक्कर में मत पड़िए।