जानें… सरहद की सुरक्षा में कितनी सफल हुई मोदी सरकार

यूपीए सरकार के दौरान पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की कायराना हरकतों पर सबसे कड़ी प्रतिक्रिया देने वाले राजनेताओं में नरेन्द्र मोदी भी थे. अब पिछले तीन सालों से हिन्दुस्तान की सरजमीं पर उनकी हुकुमत है. मोदी सरकार की तीसरी सालगिरह पर आइए यह जानने की कोशिश करते हैं कि देश के गौरव की रक्षा करने का प्रण लेने वाले मोदी की सत्ता में हमारी देश की सरहद कितनी मजबूत हुई.

युद्ध विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी के सत्ता संभालने के बाद युद्ध विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हुई नजर आती हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में एलओसी पर कुल 228 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया जबकि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 211 बार. जम्मू-कश्मीर के पूंछ सेक्टर में इस साल मार्च के महीने में 4 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ. अप्रैल में पूंछ और राजौरी सेक्टर में कम से कम 7 बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया है.

बांग्लादेश के साथ संबंध सुधरे
मोदी सरकार के तीन सालों के दौरान भले ही पाकिस्तान से उम्मीद के मुताबिक मधुर संबंध न बन पाए हों लेकिन बांग्लादेश से संबंध काफी बेहतर हैं. इस साल अप्रैल में बांग्लादेश की राष्ट्रपति शेख हसीना 7 साल बाद भारत दौरे पर थीं. वह इससे पहले जनवरी 2010 में भारत आई थीं. शेख हसीना के दौरे के दौरान बांग्लाबदेश के साथ भारत ने 22 समझौते किए. इसके अलावा दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच आतंकवाद से लड़ाई के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति भी बनी.

सर्जिकल स्ट्राइक और पाक की चौकियां ध्वस्त कर करारा जवाब
भारत ने मोदी सरकार के दौरान पहली बार घोषित तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और पाकिस्तान सीमा में कई किलोमीटर अंदर घुसकर तमाम आतंकी कैंप तो ध्वस्त किए ही उनके लांचिंग पैड को पूरी तरह बर्बाद कर दिया. इसके अलावा पाक सेना द्वारा पिछले दिनों की गई कायराना हरकतों और युद्धविराम के उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए नौशेरा सेक्टर में जबरदस्त गोलाबारी की और पाकिस्तान की कई चौकियां ध्वस्त कर दीं. बसे खास बात ये है कि भारतीय सेना ने बाकायदा कार्रवाई का एक वीडियो जारी किया.

कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ भी बढ़ी
सीमा पर पाकिस्तान के साथ कड़वाहट के बीच कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ भी काफी बढ़ी है. पिछले दिनों कई बार आतंकियों के वीडियो जारी हुए हैं जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर में तमाम आतंकी एक साथ घूमते-फिरते और खाना खाते नजर आते रहे हैं. ताजा खबरों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में गड़बड़ी फैलाने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के मकसद से 150 से ज्यादा आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसपैठ की ताक में नियंत्रण रेखा (LoC) के पार बैठे हैं. खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद से सेना अलर्ट पर है और नियंत्रण रेखा पर पैनी नजर बनाए हुए है.

सेना को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान सेना की पनाह में छुपे ये आतंकी 4-5 के छोटे-छोटे समूह के समूह में बंट गए थे. इनमें से एक समूह को नौगाम में मार गिराया गया है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ हफ्ते में बाकी के आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं.

चीन के साथ भारत की तनातनी लगातार जारी है. चीने से विवाद के कई मुद्दे हैं जिनमें सबसे प्रमुख अरुणाचल प्रदेश में तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा का दौरा है. इसके अलावा हाल ही में चीन की बेहद महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वन बेल्ट वन रोड’ समिट का भारत ने बहिष्कार किया. भारत ने साफ तौर पर कहा है कि वह ऐसी किसी परियोजना को स्वीकार नहीं कर सकता, जो संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता हो.

इससे पहले चीन ने दक्षिणी चीन सागर में भारत और सिंगापुर की नौसेना के समुद्री अभ्या्स पर टिप्पणी करते हुए कहा था, ’इससे दूसरे देशों के हितों को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए.’ इसके अलावा हाल ही में गायब हुए सुखोई विमान के बारे में भारत द्वारा चीन से पूछे जाने पर चीन ने भारत से दो टूक में कहा कि वह दो पक्षों के बीच शांति कायम करने के लिए बनी व्यवस्था का पालन करे.