जासूस बनकर बच्चों को खोजेंगे इमरान हाशमी

देश के विख्यात जासूसों में से एक सूर्यकांत भांडे पाटिल की लाइफ पर गुजराती लेखक प्रफुल्ल शाह किताब लिख चुके हैं। ‘दृश्यम-अदृश्यम’ टाइटल वाली इस किताब पर फिल्म बन रही है ‘फादर्स डे’। इस फिल्म में इमरान हाशमी सूर्यकांत भांडे का रोल करेंगे। फिल्म की कहानी 35 की उम्र वाले सूर्यकांत पर आधारित होगी। जब 1998 में उनके बेटे का किडनैप हुआ था।

ये है प्रोडक्शन टीम : फादर्स डे का डायरेक्शन 300 से ज्यादा एड फिल्म्स बना चुके शांतनु बागची कर रहे हैं। फिल्म का प्रोडक्शन मातृम फिल्म्स की प्रिया गुप्ता, कल्पना उदयवार और इमरान हाशमी मिलकर कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग 2019 में शुरू होगी।फिल्म को रितेश शाह ने लिखा है। फिल्म का अनाउंसमेंट इमरान हाशमी, ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श और कोमल नाहटा ने ट्विटर पर भी किया है.पुणे में सिविल इंजीनियर रहे सूर्यकांत भांडे का बेटा जब 3 साल का था, तब उसे इनके ही एक नौकर ने किडनैप कर लिया गया था। पुलिस महीनों के बाद भी सूर्यकांत के बेटे को खोज नहीं पाई थी। पुलिस से निराश होकर सूर्यकांत ने खुद ही अपने बेटे का पता लगाने का मन बनाया।

7 महीनों की खोज के बाद उन्हें बेटे का पता तो मिला, लेकिन किडनैपर्स ने उनके बेटे को मार दिया था। तब से ही वे पुलिस के साथ मिलकर किडनैप किए गए बच्चों की लोकेशन ट्रेस करने का काम करने लगे थे।फिर शुरु की डिटेक्टिव एजेंसी : पुणे में डवलपर्स का काम करने वाले सूर्यकांत ने बाद में 1999 में एक डिटेक्टिव एजेंसी की शुरुआत की। जिसका नाम उन्होंने अपने बेटे के नाम पर ‘स्पाय संकेत’ रखा है। 55 साल के सूर्यकांत अब तक 120 से ज्यादा बच्चों को खोजने में फ्री ऑफ कॉस्ट पुलिस की मदद कर चुके हैं।