जिंदगी में हर समय खुश रहने से ही मिलेगी सफलता

जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएं, अगर आपने हर परिस्थिति में खुश रहना सीख लिया तो फिर सफलता प्राप्त करना भी सीख जाएंगे। खुशियों से जीवन में सफलता आकर्षित होती है। सफलता कोई परिणाम नहीं है, जिसे हम प्राप्त कर सकते हैं। यह तो महसूस की जा सकती है लेकिन एक खुश और सफल जीवन जीने के लिए हमें सबसे पहले स्वयं के साथ अपने रिश्ते को बेहतर करना होगा, क्योंकि हमारी भावनात्मक और मानसिक स्थिति का प्रत्यक्ष प्रभाव हमारी खुशी और सफलता पर होता है । इसलिए यदि हमने हमारी आंतरिक स्थिति को ठीक रखना सीख लिया तो निश्चित रूप से खुशी और सफलता हमारे साथ होंगे। जानते हैं कुछ ऐसे ही तरीके जो हमारी आंतरिक स्थिति को हमेशा मजबूत बनाने में हमारी मदद करेंगे-

आत्म नियंत्रण पर ध्यान दें
अन्य लोग क्या कह रहे हैं, क्या करते हैं, आजकल के समय में क्या चल रहा है, यह सब आपके नियंत्रण में नहीं है। आपने जैसा सोचा, वैसा नहीं हुआ या विपरीत परिस्थिति होने पर आप सिर्फ अपने व्यवहार और सोच पर ध्यान रखें व उसको सकारात्मक बनाए रखें। साथ ही उस स्थिति को बदलने या उस पर अफसोस करने की बजाय आप क्या कर सकते हैं, इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखेें। तभी आप खुश रह पाएंगे।

तुलना को जिंदगी में जगह न दें
किसी भी तरीके से अपने कामों या परिणामों की दूसरों से तुलना करना खतरनाक है। इस आदत की वजह से लोगों को देखने का हमारा नजरिया भी ऐसा ही हो जाता है कि हम उनको सिर्फ उनके किये गए कार्य, परिवेश या परिणामों से पहचानने लगते हैं। प्रत्येक इंसान खुद एक अनूठी रचना है। इसलिए अपनी खुशी और सफलता को किसी से तुलना कर खत्म या कम न करें।

अनुभवों से करें दोस्ती
जब तक हमारा ध्यान काम से यादा काम के परिणाम यानी क्या खोया क्या पाया पर रहेगा, तब तक हम अनुभवों का महत्व समझ नहीं पाएंगे। जिंदगी कोई व्यापार नहीं है, जहां हर बात का कोई परिणाम होना चाहिए। अगर आपको जीवन में खुशियों को महसूस करना है तो खुद को अनुभवों से जोडऩा सीखिए।

गंभीरता से परे रहें
जैसे-जैसे उम्र गुजरती है, वैसे-वैसे हम लोग गंभीरता का मुखड़ा पहन लेते हैं। अगर आपको जीवन में गंभीर रहना है तो अपने जीवन के लक्ष्यों और मकसद को लेकर रहो। जीवन में जब भी कुछ करने की बात हो तो मस्ती के साथ अपना काम पूरा करो।

हटकर सोचना शुरू करें
सिर्फ सही या गलत वाले नजरिये से चीजों को देखेंगे तो पाएंगे कि हमसे ज्यादा लोग नहीं जुड़ पा रहे हैं। सही या गलत से हटकर सबको देखने की कोशिश करें। किसी व्यक्ति या स्वयं के प्रति कोई विशेष धारणा न बनाएं। यह आपको नकारात्मक बनाती है।

उत्साह-ऊर्जा, उमंग बनाए रखें
हमारी जिंदगी में नकारात्मक बातें हमारे उत्साह और जोश को ठंडा कर देती हैं। इस उदासीनता से निकलना है तो बच्चेजैसा नजरिया अपनाएं। जीवन में रोजाना कुछ न कुछ उत्साहवर्धक काम जरूर करें। हंसी-मजाक और प्रशंसा से उत्साह-उमंग बनाए रखें।

खुद के अच्छे दोस्त बनें
हमारी मानसिक और भावनात्मक स्थिति इस बात पर सबसे ज्यादा निर्भर है कि हमारा खुद के साथ रिश्ता कैसा है। हमारी अपने बारे में क्या सोच है, यही बात तय करती है कि लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे। खुद के अच्छे दोस्त बनने की कोशिश करें।