जिम्मेदारों की अनदेखी: नाबालिग बाइकर्स बन रहे शहरवासियों की जान के दुश्मन

उज्जैन:यातायात पुलिस की उदासीनता और अनदेखी से इन दिनों शहर में नाबालिग बाइकर्स और उनकी तेज रफ्तार पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। कल दोपहर एक बैंक के गनमैन को दालमिल चौराहे पर सड़क पार करते समय बाइक सवार नाबालिगों ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि गनमैन उछलकर मैजिक से टकराया और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिमनगंज पुलिस ने कैमरों की मदद से बाइकर्स की पहचान की है।
सुधीर मिश्रा पिता रामभवन मिश्रा (54) निवासी इंदिरानगर आगर रोड बैंक में गनमैन थे और तीन बत्ती चौराहा स्थित ब्रांच में ड्यूटी के लिये पैदल घर से निकले। सुधीर मिश्रा आगर रोड पार कर दालमिल चौराहा पर खड़ी मैजिक में बैठने जा रहे थे, इसी दौरान नाके की ओर से तेज रफ्तार आ रही बाइक ने सुधीर मिश्रा को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि मिश्रा उछलकर मैजिक से टकराये और गंभीर घायल हो गये। राहगरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान सुधीर की मौत हो गई। मृतक के पुत्र हिमांशु मिश्रा ने बताया पुलिस प्रकरण दर्ज कर बाइकर्स की तलाश कर रही है। सीसीटीवी कैमरे में नाबालिग बाइकर्स दिखे हैं जिनकी तलाश की जा रही है। यह कोई पहला मामला नहीं कि नाबालिगों द्वारा तेज गति से बाइक चलाकर पैदल राहगीर को टक्कर मारी हो। शहर में ऐसी दुर्घटनाएं रोज होती हैं।

पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
शहर के यातायात को सुधारने और वाहनों की चैकिंग का काम यातायात पुलिस के पास है लेकिन यातायात थाने के अधिकारी और पुलिसकर्मी शहर के अंदर व बाहरी मार्गों पर सिर्फ ग्रामीण वाहन चालकों को रोककर चालानी कार्रवाई करते नजर आते हैं। स्कूल और कॉलेज खुलने के बाद नाबालिगों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है और बिना लायसेंस के वाहन चलाने वाले भी बढ़े हैं लेकिन पुलिस द्वारा शहर में कहीं भी ऐसे वाहन चालकों को पकडऩे अथवा चालान बनाने की कार्रवाई नहीं हो रही।

इन मार्गों पर होती हैं सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
तरणताल से लेकर कोठी तक सुबह और शाम के वक्त बाइकर्स का आतंक रहता है, जबकि इसी दौरान शहरवासी वॉक के लिए निकलते हैं। रात में यह बेखौफ तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। इसी प्रकार इंजीनियरंग कॉलेज रोड, हरिफाटक ब्रिज से नानाखेड़ा, कार्तिक मेला ग्राउंड से मुल्लापुरा, शांति पैलेस से चिंतामण मार्ग ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां रफ्तार के शौकीनों का जमावड़ा होता है। इन्हें सड़कों पर बेखौफ वाहन दौड़ाकर लोगों की जान का खतरा बन जाते हैं। ऐसे में इन मार्गों पर पैदल चलने वालों के साथ अन्य वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।