जिसका जन्म हुआ, उसकी मृत्यु निश्चित है: लेखेंद्रविजय

 उन्हेल:जिसका जन्म होता है, उसकी मृत्यु निश्चित है। इसका हर पल हर दम जागृत अवस्था में रहकर चिंतन करते रहना चाहिए। इससे जीवन में पाप कम होते जाएंगे। यह बात आचार्य देवेश राष्ट्र संत लेखेन्द्रविजय म.सा ने आराधना भवन में रविवार को धर्मसभा में कही।इसके पूर्व धर्मसभा में सौरभ बिड़ला ने गुरुवंदन कराया एवं आचार्यश्री का मंगलाचरण हुआ। स्वागत गीत मंजू बहन, पुष्पा बहन ने प्रस्तुत किया। धर्मसभा में वर्धमान जैन, राजेन्द्र सर्राफ, जैन श्रीसंघ अध्यक्ष सतीश मारू ने गुरु गुणानुवाद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। धर्मसभा में सकल श्रीसंघ की ओर से आचार्यश्री को कांबली ओढ़ाई गई।

रविवार की सुबह 8 बजे आचार्यश्री का अपने साधु-साध्वी मंडल के साथ नगर प्रवेश हुआ। आचार्यश्री का सकल श्रीसंघ के साथ कई सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों, समाजजनों ने पुष्पों से गवली कर स्वागत किया। कामितपुरण पाश्र्वनाथ मंदिर से गुरुदेव का चल समारोह बैंड-बाजे के साथ निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर आराधना भवन पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। इस मौके पर नागदा, खाचरोद, उज्जैन, महिदपुर, जावरा आदि नगरों के गणमान्यजन उपस्थित थे।