जीवन उसी का सार्थक जिसे दुनिया से जाने के बाद आदरांजलि दी जाए

उज्जैन। रमेशजी जीवनभर कर्मशील एवं सक्रिय रहे। सफलतम पत्रकार होने के साथ-साथ वे समाज के प्रति भी जीवन पर्यंत सक्रिय रहे। यह व्यक्तित्व ही उन्हें मानव मात्र में श्रेष्ठ बनाता है

यह बात संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने टॉवर स्थित होटल श्रीनाथ पैलेस में वैश्य महासम्मलेन द्वारा वैश्य गौरव रमेशचंद्र अग्रवाल के द्वितीय स्मरण दिवस पर आयोजित आदरांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में कही। विशिष्ट अतिथि अक्षरविश्व के प्रधान संपादक सुनील जैन थे। उन्होंने कहा रमेशजी का उज्जैन से सदैव लगाव रहा है अपनी कर्मशीलता से भास्कर को देश के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाने के साथ ही उन्होंने समाजसेवा में भी अपना सर्वोच्च स्थान बनाया।

आदरांजलि सभा के संयोजक कुलदीप धारिया ने विगत 30 वर्षों से लगातार रमेशजी के सान्निध्य में किये गए कार्यों के संस्मरण बताते हुए उनके जीवन के कई क्षणों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ समाजसेवी अरविंद जैन व पॉलीटेक्निक कॉलेज प्राचार्य रमेश गुप्ता ने भी संबोधित किया। अतिथि परिचय राकेश वनवट एवं दुर्गेश विजयवर्गीय ने दिया।

आयोजन में रामबाबू गोयल, राजेश गर्ग, सुभाष मित्तल, बलराम गर्ग, उषा बजाज अर्पित गोयल, प्रकाश खंडेलवाल, महेश खंडेलवाल, रितेश खंडेलवाल, डॉ. अशोक खंडेलवाल, सुरेश फरक्या, कृष्ण कुमार पोरवाल, योगेश पोरवाल, रवींद्र पोरवाल, राकेश वनवट, नरेंद्र बज जैन, ललित सेठी, प्रदीप जैन, अश्विन मेहता, दुर्गेश विजयवर्गीय, हेमंत विजयवर्गीय, विक्रम विजयवर्गीय, महेश गुप्ता, शिरीष शाह, आरसी गुप्ता, पुष्पेंद्र चित्तौड़ा, अशोग गुप्ता आदि उपस्थित थे। आभार रामबाबू गोयल ने माना।