जीवन की मुश्किलों से भागें नहीं, हिम्मत से ढूंढे उनका हल

एक राज्य में बहुत धनवान और जिम्मेदार राजा था। उसने एक दिन अपने राज्य की मुख्य सड़क के बीच में बड़ा पत्थर रखवा दिया। वो ये देखना चाहता था कि कौन उसे हटाता है।उस रास्ते से एक के बाद एक धनी व्यापारी गुजरे, कई मंत्री गुजरे और कई ज्ञानी लोग गुजरे। लेकिन कोई उस पत्थर को हटाने के लिए आगे नहीं आया। सब उस भारी पत्थर के बगल से होकर गुजर गए।फिर एक मजदूर अपने हाथ में सब्जियां लिए उस रास्ते से गुजर रहा था। उसने पत्थर को देखा और बगल से निकलने के बजाए वहीं रुक गया और अपना सामान अलग रख दिया।

उसने काफी देर तक पत्थर को सड़क किनारे खिसकाने की मशक्कत की और आखिर में वो उसे खिसकाने में कामयाब रहा।पत्थर खिसकाने के बाद जब वो निकल रहा था तो उसने देखा कि जहां पत्थर रखा था उस जगह एक थैला पडा़ है और उसमें कुछ रुपये और सोना है। इसके साथ ही उसमें राजा की लिखी एक पर्ची थी जिसमें लिखा था – ‘पत्थर को खिसकाने वाले के लिए ईनाम’।

कहानी ये सिखाती है कि हमें जीवन में सामने आने वाली कठनाइयों और मुश्किलों को नकारना या उनसे भागना नहीं चाहिए। मुश्किलों का डटकर लगातार सामना करने से ही वो हल होती हैं और उसका फल सफलता के रूप में आपको जरूर मिलता है। मुश्किलों का हिम्मत से समना करना ही सफलता का एक मंत्र है।