जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा खुद को चुनौती देना है

माइकल मुंबई की झोपड़-पट्टी में रहता था। जब माइकल 13 साल का था तो उसके पापा ने उसे एक कपड़ा दिया और पूछा की इसकी किमत कितनी हो सकती है? तो माइकल ने बोला की ये होगा बस 50 रुपए का, तो उनके पिता ने माइकल से कहा की इसको बेचकर 100 रुपए लेकर आओ। माइकल ने उस कपड़े को अच्छे से धोया फोल्ड करा और कपड़े को किसी कपड़ो के ढेर के नीचे अच्छे से रखा, अब जब कपड़ा सूख चुका था तो अगले दिन ट्रेन स्टेशन के पास गया 6 घंटे की मेहनत के बाद माइकल को उस कपड़े के 100 रुपए मिले।

माइकल उछलता हुआ घर आ गया। 10 दिन बाद उनके पिता ने माइकल से कहा की अब इस कपड़े को 200 रुपए में बेचकर दिखा, माइकल ने कहा कैसे हो सकता है इसके 200 रुपए कौन देगा, पापा ने कहा कोशिश तो कर, माइकल अपने दोस्त की मदद लेने गया उस कपड़े पर मिक्की माउस की पेंटिंग बनवाई और अमीर बच्चो के स्कूल पहुंच गया, एक छोटे से बच्चे ने उसे पसंद किया और वो उससे खरीद लिया और 50 रुपए टिप भी दी।

जब माइकल वापस आया तो उसके पापा ने तुरंत एक और कपड़ा हाथ में दे दिया और बोला की इसे 300 रुपए में बेच के दिखा। इस बार माइकल ने अपने पिता से कुछ नहीं बोला, वह एक फिल्म की शूटिंग देखने पहुंच गया। एक पोपुलर एक्ट्रेस आई थी माइकल ने सेक्योरिटी को तोड़ते हुए उस एक्ट्रेस से ऑटोग्राफ देने के लिए कहा। मासूम से बच्चे को देखकर उस एक्ट्रेस ने मना नहीं किया। उसके बाद माइकल तेजी से चिल्लाने लगा कि एक्ट्रेस का ऑटोग्राफ लो सिर्फ 300 रुपए में।

दिसे लेने के लिए लाइन लग गई। अंत में उसने उस कपड़े को 1200 रुपए में बेचा। आज जब माइकल अपने घर पहुंचा तो उसके पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था वो रो पड़े और पूछा, माइकल ये कपड़े तुम इतने दिनों से बेच रहे तो तुमने क्या सीखा इससे। माइकल ने कहा जहां पर सोच होती है रास्ता अपने आप आ जाता है।