जीवन के अंधकार से नजर हटाकर जरा उजाले को देखिए

हमारी जिंदगी में अच्छी-बूरी चीजें घटती रहती हैं। कभी हमारा सामना सकारात्मक चीजों से होता है तो कभी नकारात्मक चीजों से। लेकिन जरा सोचिए की हमारा ध्यान सिर्फ नकारात्मक चीजों में ही लगा रहे और हम अपने सामने की सकारात्मक चीजों को नजरंदाज करते जाएं तो क्या होगा? क्या हमारे जीवन में तब भी सब सकारात्मक होगा, क्या हम खुश रह पाएंगे? इसका जवाब है नहीं। इसी बात को एक प्रोफेसर ने बड़े रोचक अंदाज में अपने छात्रों को समझाया।

एक दिन कॉलेज में एक प्रोफेसर ने कक्षा में प्रवेश किया और अपने सभी स्टूडेंट्स से कहा की आज वे उनका एक सरप्राइज टेस्ट लेने वाले हैं। सभी छात्र अचानक से टेस्ट की बात सुनकर घबरा गए। प्रोफेसर ने सभी छात्रों को प्रश्न पत्र सौंप दिया। और उसके बाद जवाब शुरू करने के लिए कहा। प्रश्न पत्र देखकर हर छात्र के चेहरे पर आश्चर्य के भाव थे क्योंकि प्रश्न पत्र  में एक भी प्रश्न नहीं थे। पृष्ठ के केंद्र में सिर्फ एक ब्लैक डॉट था। प्रोफेसर ने सभी के चेहरे पर हैरानी और उलझन के भाव देखे और कहा, मैं चाहता हूं कि आप अपने जवाब में उस चीज के बारे में लिखें जिसे आप प्रश्न पत्र में देख पा रहे हैं।

उलझन में सभी छात्रों ने एक असाधारण कार्य शुरू किया। समय समाप्त होने पर, प्रोफेसर ने सभी छात्रों की कॉपी को ले लिया और उन्हें एक-एक करके सभी विद्यार्थियों के सामने जोर से पढ़ना शुरू कर दिया। सभी छात्रों ने अपने–-अपने जवाबों में प्रश्न पत्र में दिए काले बिंदु को वर्णित किया हुआ था।

सभी के उत्तर पढ़े जाने के बाद, कक्षा एकदम शांत थी। प्रोफेसर ने कहा कि मैं आपको इस परीक्षा में कोई ग्रेड या नंबर देने नहीं जा रहा हूं। मैं इसके जरिए आपको सोचने के लिए कुछ देना चाहता हूं। आप सभी ने कागज पर बने काले बिंदू को देखा, मगर किसी ने भी सफेद भाग के बारे में नहीं लिखा। क्या आप जानते है की आपने ऐसा क्यों किया है? क्योंकि अक्सर हमारे जीवन में भी ऐसा ही होता है। हम सभी की जिंदगी में कई श्वेत पत्र यानी अच्छे लम्हे हैं जो हमें आनंद देते हैं। लेकिन हम इंसानों का ध्यान डार्क स्पॉट्स पर ही केंद्रित रहता हैं।

ये कहानी हमें सिखाती है :

जिंदगी में कई बार हम अपने दोस्तों या परिवार वालो के साथ बिताए गए अच्छे पलों को भुला देते हैं जो सफेद कागज का प्रतिक हैं और छोटे-छोटे मन मुटावों को पकड़ कर बैठ जाते हैं, जिससे सालो के बनाए गए रिश्ते एकदम टूट जाते हैं

।हमारा जीवन एक उपहार है जिसे भगवान ने हमें प्यार और देखभाल के साथ दिया है। हमारे पास हमेशा खुश रहने के कोई न कोई मौके जरूर होते हैं, लेकिन हमारी और पाने की चाहते इन मौकों को ढक देती है। इसके कारण हमारा जीवन के प्रति दृष्टिकोण नकारात्मक हो जाता है।

हमें कभी भी अच्छाई और सकारात्मकता से अपना ध्यान इतना भी नहीं हटाना चाहिए कि एक छोटी से गलती या नकारात्मकता उस सभी पर हावी हो जाए। अपनी जिंदगी के हर एक पल का आनंद सकारात्मक रहकर उठाएं। नकारात्मक बातों को सोच कर अपने रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन को बरबाद ना करें।

नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मकता की किरण ढूंढे तभी आप सफल और खुशहाल जीवन जी पाएंगे। कॅरियर या प्रोफेशन में भी यही बात लागू होती है। छोटी-छोटी असफलताओं से घबराकर कदम पीछे खींचने के बजाए पूरी मजबूती से आगे बढ़े और सकारात्मकता का साथ कभी न छोड़ें।