जॉब ज्वाइन करने से पहले सैलरी के अलावा इन बातों का रखें ध्यान

आ ज के समय में हर कोई अपने करियर को लेकर बहुत सजग हो गया है। हर कोई चाहता है कि वह अपने करियर में आगे बढ़े और अपनी जिंदगी आराम से बिताएं। कई बार एक ही जगह काम करते रहने से आपका काम में मन नहीं लगता है और करियर में एक ठहराव सा लगने लगता है और बढ़ते कंपीटिशन के दौर में दौर में नौकरी पाना भी कठिन होता जा रहा है, लेकिन कई बार जॉब ऑफर होते हुए भी यह समझ ही नहीं आता कि हां कहें या न। किसी जॉब ऑफर पर गौर करते समय जहां तक सैलरी एक अहम चीज होती है, वहीं कुछ और चीजें भी जरूरी होती हैं। ताकि आगे चलकर आपको कोई परेशानी ना हो

ब्रैंड वैल्यू
आपका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कंपनी की इंडस्ट्री में क्या ब्रैंड वैल्यू है। जिस कंपनी की ऐवरेज मार्केट वैल्यू से कम ब्रैंड वैल्यू होगी, उससे निकलने के बाद आप बड़ी ब्रैंड वैल्यू वाली कंपनी में जाने में दिक्कत महसूस करेंगे।

सैलरी, डेजिनेशन और अन्य लाभ
आपको अपने मौजूदा सैलरी पैकेज का 25-50 फीसदी हाइक मिले तो सही है। अगर आपका नया सैलरी स्ट्रक्चर टैक्स बचाने में सहायक है तो ज्यादा अच्छी बात है।

मौजूदा टीम/बॉस
पता करें कि वहां की मौजूदा टीम कैसी और टीम लीडर कैसा है। टीम अगर सहयोगी है तो बहुत अच्छी बात है नहीं तो आपके लिए परेशानी पैदा हो सकती है। बॉस का मिजाज अच्छा होना भी जरूरी है।वर्ना आप कभी सही तरीके से काम नहीं कर पाएंगे।

कंपनी की ग्रोथ
इंटरव्यूअर से सीधे कंपनी की ग्रोथ से जुड़ा सवाल पूछे। एंप्लॉयी साइज, रेवन्यू/टर्नओवर/प्रॉफिट में बढ़ोतरी से ग्रोथ का अंदाजा लगाया जा सकता है। एंप्लॉयी के नौकरी छोडऩे की दर के बारे में भी पता लगाना जरूरी है। अगर कंपनी अच्छी होगी तो एंप्लॉयी की नौकरी छोडऩे की दर बहुत कम होगी।

लर्निंग और ग्रोथ के मौके
आपको कुछ नया सीखने का जितना मौका मिलेगा, उतना ही आपकी ग्रोथ के चांस बढ़ेंगे।