टीबी गंभीर बीमारी नहीं, सिर्फ जागरूकता जरूरी

उज्जैन। भारत सरकार द्वारा 2025 तक देश से क्षय रोग उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सबकी सहभागिता आवश्यक है। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. वीके गुप्ता और जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुनीता परमार ने सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में रविवार को प्रायवेट सेक्टर के चिकित्सकों की बैठक ली। अध्यक्षता करते हुए मप्र फार्मेसी ऑफ काउंसिल अध्यक्ष ओम जैन ने कहा मानवता के काम में हम सबको मिलजुल कर कार्य करना चाहिये। क्षय रोग को देश से मुक्त करने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है, उसे हम सब मिलकर पूरा करेंगे।

भारत सरकार के डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. वायके जानी ने पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से क्षय रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया टीबी कोई गंभीर बीमारी नहीं जरूरत सिर्फ जागरूकता की है और उसका समय पर नियमित उपचार कराने का है। बैठक में बताया कि क्षय रोग से ग्रसित लोगों को पौष्टिक आहार लेने के लिये हर महीने 500 रुपये राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराये जायेंगे। उपचार में लगे प्रायवेट चिकित्सकों को भी सरकारी अस्पताल में नोटिफिकेशन करवाने पर राज्य सरकार उन्हें भी प्रोत्साहन राशि के रूप में 500 रुपए उपलब्ध करायेगी।

मरीजों को दवाई खिलाने वाले डाट प्रोवाइटर को 6 माह के कोर्स को नियमित रूप से खिलाने पर राज्य सरकार 1 हजार रुपए देगी। सीएमएचओ डॉ. गुप्ता एवं जिला क्षय अधिकारी डॉ. परमार ने बताया ंभावित क्षय रोगी या क्षय रोगी का निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भरकर जिला क्षय केंद्र में नोटिफिकेशन करवाना प्रायवेट चिकित्सक सुनिश्चित करें। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राजू निदानिया, डॉ. सीएम पौराणिक, डॉ. एनके तिवारी आदि मौजूद थे।