ट्रंप-पुतिन-जिनपिंग को पछाड़ PM मोदी बने दुनिया तीसरे सबसे लोकप्रिय नेता

नई दिल्लीः दावोस (स्विट्जरलैंड) वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की बैठक से पहले इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी गैलप ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को दुनिया का तीसरा सबसे लोकप्रिय नेता बताया है. दुनिया के 50 अलग-अलग देशों में हुए सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकप्रियता के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी पीछे छोड़ दिया है. गैलप इंटरनेशनल ने इस सर्वे के लिए जिस मेथोडलॉजी का इस्तेमाल किया उनमें अलग-अलग देशों के तहत कुल 53 हजार 769 लोगों ने अपनी राय दी है.

इन लोगों से इंटरव्यू के जरिए पसंदीदा शख्सियतों के बारे में राय पूछी गई थी. सर्वे में पीएम मोदी के पक्ष में 30 फीसदी लोगों ने अपनी राय जाहिर की जबकि 22 फीसदी लोगों ने उनके विपक्ष में राय जाहिर की थी. इस लिहाज से पीएम मोदी के पसंद और नापसंद का स्कोर +8 है और वो तीसरे नंबर पर हैं.इस सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी 8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है. जबकि 7 अंकों के साथ चौथे स्थान पर ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मैरी मे हैं. इस लिस्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 6 के अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है. सर्वे में सबसे ज्यादा 21 अंकों के साथ पहले स्थान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मकरॉन हैं वहीं जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल प्लस 20 स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर हैं.

इस सर्वे में रूसी राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन को छठे, सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल्लाजीज साउ को सातवें और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को आठवें स्थान पर रखा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 11वें नंबर पर रखा गया है. पोप फ्रांसिस को भी इस सर्वे में शामिल किया गया है. वो टॉप पर हैं. उन्हें प्लस 38 स्कोर दिए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वह सम्मेलन के पहले पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करेंगे. मोदी पांच दिन के इस सम्मेलन में वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के विशाल अवसरों की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ अपनी सरकार के नीतियों और कार्यक्रमों की भी जानकारी देंगे. पांच दिन चलने वाला सम्मेलन 22 जनवरी को शुरू होगा. आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार वह 23 जनवरी को सम्मेलन के पहले पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करेंगे.

सालाना बैठक में 60 देशों के प्रमुखों समेत 350 राजनीतिज्ञ भाग लेंगे. सम्मेलन में दुनिया की महत्वपूर्ण कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से 1,000 नेता भाग लेंगे. इससे पहले, 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में शामिल हुए थे.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने दावोस में विश्व आर्थिक मंच में हिस्सा लेंगे और इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बैठक की संभावना को बल मिला है.यह 18 वर्षों में पहली बार होगा जब अमेरिका के राष्ट्रपति वैश्विक आर्थिक नेताओं की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राष्ट्रपति वैश्विक नेताओं के साथ अपने ‘अमेरिका पहले’ के एजेंडे को आगे बढ़ाने के अवसरों का स्वागत करते हैं.’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप ‘‘अमेरिकी कारोबार, अमेरिकी उद्योगों और अमेरिकी कर्मियों’’ को मजबूत करने की अपनी नीतियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं.’’ सारा ने कहा कि द्विपक्षीय बैठकों समेत दावोस में राष्ट्रपति की यात्रा का कार्यक्रम तय किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति का जो संदेश यहां है, वह वही संदेश वहां लेकर जाएंगे. यही संदेश वह एशिया के अपने दौरे में लेकर गए थे. उनका एजेंडा ‘अमेरिका पहले’ है.’’ सारा ने कहा कि ट्रंप का ध्यान अमेरिकी कारोबार और अमेरिकी कर्मियों को मजबूत करने वाली नीतियों को प्रोत्साहित करने पर ‘‘अब भी 100 प्रतिशत केंद्रित है और वह इसे लेकर प्रतिबद्ध हैं.’’ उन्होंने कहा कि कैबिनेट और प्रशासन के कई वरिष्ठ सदस्य इस समारोह का हिस्सा होंगे.

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2018 स्विट्जरलैंड के दावोस-क्लोस्टर्स में इस महीने बाद में आयोजित होगी जिसका विषय ‘‘क्रिएटिंग ए शेयर्ड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड’ होगा. मोदी दो दिवसीय यात्रा पर 22 जनवरी को स्विट्जरलैंड जाएंगे, जहां वह विश्व आर्थिक मंच के पूर्ण सत्र में अहम भाषण देंगे. वर्ष 1997 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री दावोस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.

विश्व आर्थिक मंच की पांच दिवसीय सालाना बैठक इस महीने स्विटजरलैंड के दावोस कस्बे में होगी. इस साल के आयोजन में भारत पर निगाह रहेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें पहली बार शामिल हो सकते हैं.इस साल के आयोजन में भारत से पीएम मोदी के अलावा छह केंद्रीय मंत्री, दो मुख्यमंत्री, आला अधिकारी व 100 से अधिक सीईओ भाग लेंगे. यह भारत की अपनी तरह की सबसे बड़ी उपस्थिति होगी. यह बैठक 22 जनवरी से शुरू होगी. सम्मेलन के पहले दिन शाम को स्वागत भोज कार्यक्रम वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अधीनस्थ औद्योगिक नीति व संवर्धन विभाग आयोजित करेगा. इसमें देश के विशिष्ट व्यंजनों, सदियों पुराने योग की विरासत व युवा तथा नवोन्मेषी भारत की झलक होगी.