ठहाका कार्यक्रम में आमंत्रितों से बदसलूखी, गोविंदा भी नाराज

उज्जैन। ठहाका जैसे कार्यक्रम न केवल बदसलूखी, गुंडागर्दी, झगड़ा फसाद के केंद्र बिंदू बनकर रह गये हैं। बल्कि कलाकारों को बुलाकर उनके नाम पर एंट्री पास (टिकट) बेचने जैसे कृत्य भी होने लगे हैं। अव्यवस्थाओं का आलम यह था कि स्वयं गोविंदा ने यह कह दिया कि मंच पर धक्का मुक्कि नहीं रूकी तो वे प्रस्तुति दिये बगैर लौ जाएंगे। इधर प्रशासन को भी ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना, पार्किंग के लिए अमला तैनात करना मुश्किल सा हो गया है।आयोजक खुद को प्रचारित करने के लिए अब ऐसे आयोजन करने लगे हैं। बड़े कलाकारों को बुलाकर उनसे मिलवाने, नजदीक बैठाने, कार्यक्रम में एंट्री देने के नाम पर 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक वसूलने जेसे कृत्य हो रहे हैं।

गुुरुवार रात कालिदास अकादमी में भी इसी प्रकार का नजारा दिखाई दिया। एंट्री पास लेकर आयोजन स्थल आए लोगों को बुरी तरह धक्का मुक्की, अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ा यहां तक कि सभ्य लोगों से बदसलूखी भी की गई। वीआईपी के नाम पर प्रशासनिक लोगों को इसलिए आमंत्रित किया गया कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा व पार्किंग के इंतजाम हो जाए और कार्यक्रम के नाम पर एंट्री पास बेचे जाने के कार्य को ढ़का जा सके।

होटल व्यवसायी व पुत्र से मारपीट व बदसलूखी
चलते कार्यक्रम के बीच होटल व्यवसायी ओम मेघवंशी तथा उनके पुत्र के साथ आयोजक व व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों ने बदसलूखी की। यहां तक कि झुमाझटकी के साथ मारपीट भी हो गई।

चहूंओर फैला कचरा
स्वच्छता सर्वेक्षण में सहयोग का दावा करने वाले आयोजकों की स्थिति यह थी कि उन्होंने आयोजन स्थल कालिदास अकादमी को कचरा घर में तबदील कर दिया।

आयोजक का फोन भी बंद
आयोजक महेन्द्र यादव से इन अव्यवस्ओं के संबंध में बातचीत का प्रयास किया गया लेकिन सुबह भी उनका मोबाइल बंद था।