तनख्वाह लेते हैं तो निष्ठा से काम भी करें

उज्जैन। कलेक्टर मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा, प्रसूति सहायता योजना के संबंध में चिकित्सा विभाग अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा तनख्वाह लेते हैं तो पूरी निष्ठा से काम भी करना होगा। इस योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत परिणाम लाने के लिए सभी संबंधितों को योजना की प्रक्रिया स्वयं समझकर निचले स्तर तक समझानी होगी। मंगलवार को मेला कार्यालय में हुई बैठक में मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा विभाग के जिला एवं खंड स्तर के अधिकारियों व कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का उद्देश्य ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है जो असंगठित श्रमिक योजना के तहत पंजीकृत है। महिलाओं व शिशुओं के स्वास्थवर्धन के लिए नकद प्रात्साहन राशि भी दी जाएगी। योजना में 16 हजार रुपए की राशि दो किश्तों में जिसमें प्रथम किश्त गर्भावस्था के दौरान निर्धारित अवधि में अंतिम तिमाही तक चिकित्सक या एएनएम द्वारा चार प्रसव पूर्ण जांच कराने पर 4 हजार रुपए, दूसरी किश्त शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने पर 12 हजार रुपए दिए जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों से लेंगे सहयोग
बैठक में कलेक्टर ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजना को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जारी फार्म जनप्रतिनिधियों को भी भेजे जाएंगे। सभी खंड स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फार्म में उपलब्ध डाटा खंड स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पोर्टल पर दर्ज करवाया जाएगा।