तराना में टिकट के लिए दावेदार कर रहे मशक्कत…

उज्जैन/तराना। जिले की तराना विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान समय में भाजपा के विधायक हैं। आगामी महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक सहित अन्य कई दावेदार टिकट पाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। इनमें से कुछ दावेदार तो ऐसे हैं जो कि टिकट पाने के प्रति पूरी तरह से उम्मीद लगाए हुए है। इसलिए उन्होंने दो महीने से अपना कार्य क्षेत्र तराना और आस-पास के गांवों को बना लिया है।

तराना विधानसभा में पिछले 15 वर्षों से भाजपा के प्रत्याशी विजयी होते आ रहे हैं। सन 1998 में कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय विजयी हुए थे। जो कि प्रदेश शासन में राज्यमंत्री बने। उसके बाद सन 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के ताराचंद गोयल विजयी हुए। सन 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गोयल के बजाय रोडमल राठौर को प्रत्याशी बनाया और वह भी विजयी हुए।

सन 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने रोडमल राठौर के बजाय युवा नेता अनिल फिरोजिया को मौका दिया और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र मालवीय को पराजित किया। अन्य विधानसभा क्षेत्रों की तरह तराना विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस में सबसे ज्यादा गुटबाजी है। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता अलग-अलग गुटों में बैठे हुए हैं यही वजह है कि कांग्रेस को लगातार 15 वर्षों से पराजय का सामना करना पड़ रहा है।

यह है दावेदार
भाजपा की ओर से दावेदार के रूप में वर्तमान विधायक के अलावा भाजपा अजा मोर्चा के प्रांतीय पदाधिकारी ओम राजोरिया, नगर पंचायत उपाध्यक्ष शक्तिसिंह परिहार, पूर्व विधायक ताराचंद गोयल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मदनलाल चौहान, लक्ष्मीनारायण मालवीय, बनेसिंह भीलवाड़ा आदि का नाम चर्चा में है। जबकि कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक बाबूलाल मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार, किसान कांग्रेस के प्रांतीय पदाधिकारी मुकेश परमार, इंदौर के युवा नेता राजेंद्र मालवीय सहित प्रकाश परमार, राधेश्याम परमार, करण गुजराती, विजय टिपानिया आदि का नाम चर्चा में है।

भाजपा कर रही बदलाव
पिछले 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी के जीतने के बाद भी नए चेहरे को मौका दे रही है। इसलिए अटकलें लगाई जा रही है कि इस बार भी पार्टी वर्तमान विधायक की बजाये किसी अन्य को चुनाव लडऩे का मौका दे सकती है।

कांग्रेस में ज्यादा मशक्कत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से जुड़े जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार टिकट पाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं। इधर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू के दो समर्थक राजेंद्र मालवीय और मुकेश परमार टिकट पाने के प्रयास में लगे हुए हैं। राजेंद्र मालवीय इंदौर के हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में वह पराजित हो चुके हैं। जबकि मुकेश मालवीय तराना क्षेत्र के ही हैं। इसी प्रकार अन्य दावेदार भी स्थानीय है अब पार्टी किसे मौका देती है यह तो आगामी दिनों में ही ज्ञात होगा।