थाईलैंड: गुफा से 11 बच्चो को सुरक्षित बाहर निकाला गया, बचाव कार्य जारी

थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में फंसे फुटबॉल टीम के 11वें बच्चे को मंगलवार दोपहर निकाल लिया गया। फिलहाल कोच और एक बच्चा गुफा के अंदर है। अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क उन्हें बचाने के लिए अपनी छोटी पनडुब्बी के साथ थाईलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने ट्वीट करके यह जानकारी दी। मस्क ने लिखा, ‘यदि जरूरत पड़ी तो छोटी पनडुब्बी तैयार है। यह रॉकेट के पार्ट्स से बनी है। इसका नाम वाइल्ड बोर है।’ उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बाढ़ के पानी से भरी गुफा और राहत-बचाव कार्य में जुटे कार्यकर्ताओं का एक वीडियो भी पोस्ट किया है। हालांकि अभी ऐसे कोई संकेत नहीं मिले कि बचावकर्मी मस्क की छोटी पनडुब्बी की मदद लेंगे या नहीं। सोमवार देर शाम तक गुफा से 8 बच्चों को निकाल लिया गया था।

मस्क ने बताया कि पनडुब्बी हल्की और मजबूत है। इसे 2 गोताखोर संकरी जगह से भी ले जा सकते हैं। इसके अंदर बैठे बच्चे को तैरने की जरूरत नहीं है और न ही यह जानने की कि ऑक्सीजन सिलेंडर का किस तरह इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने लॉस एंजिल्स के स्विमिंग पूल में पनडुब्बी के परीक्षण का वीडियो भी पोस्ट किया था। पिछले हफ्ते मस्क ने अपनी कंपनी स्पेसएक्स की एक टीम को थाईलैंड भेजने की बात कही थी।

एलन मस्क ने वीडियो में बताया कि छोटी पनडुब्बी फॉल्कन रॉकेट के लिक्विड ऑक्सीजन ट्रांसफर ट्यूब के जरिए चलेगी। लीकेज से बचाने के लिए इसमें 4 एयर टैंक भी दिए गए हैं। पनडुब्बी की लंबाई करीब 5 फीट के आसपास है। इसके एक ओर ऑक्सीजन सिलेंडर लगे हैं, जिसका पाइप पनडुब्बी के ऊपरी हिस्से से अंदर की तरफ गया है। दूसरी तरफ प्रोपेलर लगा है, जिसकी मदद से ये पनडुब्बी चलती है। इसमें एक छोटा बच्चा आसानी से लेटकर आ सकता है। इसके लिए बच्चे को पीठ के बल अपने हाथों को मोड़कर करके लेटना होता है। अंदर रोशनी के लिए बच्चे के हाथ में 2 टॉर्च भी रहेगी। पनडुब्बी के ऊपरी हिस्से में पकड़ने के लिए 4 हैंडल दिए गए हैं। पनडुब्बी को 2 मिनट से भी कम समय में खोलकर बच्चे को बाहर निकाला जा सकता है।

राहतकर्मियों ने जहां से बचाव कार्य शुरू किया था, वहां से तीसरे नंबर की गुफा करीब 2 किलोमीटर लंबी है। ऐसे में बच्चों तक पहुंचना आसान नहीं है। थाईलैंड के अलावा अमेरिका, चीन, जापान, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के 90 गोताखोर बचाव कार्य में लगे हुए हैं। एक हजार से ज्यादा जवान और एक्सपर्ट इस अभियान में मदद कर रहे हैं। हालांकि बच्चों को बचाने की कोशिश में जुटे थाईलैंड की नौसेना के पूर्व गोताखोर की 6 जुलाई को मौत हो गई थी। समन गुनन (38) बच्चों के पास रसद पहुंचाने के बाद ऑक्सीजन की कमी के चलते बेहोश हो गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई। कुनन ने नौसेना छोड़ दी थी, लेकिन बच्चों को बचाने के लिए वे लौटे थे।