दूसरों का इंतजार करने से बेहतर है अपने हिस्से का प्रयास करें

हमारे अकेले के करने से कुछ नहीं होगा। और लोग तो कुछ करते ही नहीं हैं। ऐसी सोच आमतौर पर सभी की होती है। अब सवाल यह उठता है, कि अगर हर कोई ऐसा सोच कर हाथ पर हाथ रखे बैठा रहेगा तो दुनिया में कोई कभी किसी की मदद के लिए भी आगे नहीं आएगा। मगर हकीकत में ऐसा नहीं होता है। हमारे आसपास से ही कुछ लोग निकलते हैं, जो कुछ ऐसा कर देते हैं, पूरी दुनिया में मिसाल बन जाते हैं।

इसलिए दूसरों का इंतजार करने से बेहतर है अपने हिस्से का प्रयास करना। यही बात इस छोटे से बच्चे को एक बुजुर्ग महिला ने कितनी सरलता से समझाया है।

एक लड़का सुबह-सुबह दौड़ने जाया करता था। आते जाते वो एक बूढ़ी महिला को देखता था। वो महिला तालाब के किनारे छोटे-छोटे कछुवों की पीठ को साफ किया करती थी। एक दिन उसने इसके पीछे का कारण जानने की सोची।

वो लड़का महिला के पास गया और उनका अभिवादन कर बोला आंटी! मैं आपको हमेशा इन कछुवों की पीठ साफ करते हुए देखता हूं। मगर मुझे इसका कारण समझ में नहीं आता है। महिला ने उस मासूम से लड़के को देखा और उसे अपने पास बैठा लिया। इसके बाद वह एक-एक कर कछुओं को साफ करने लगी। उसने लड़के से कहा कि मैं हर रविवार यहां आती हूं और इन छोटे-छोटे कछुवों की पीठ साफ करती हैं। ऐसा करते हुए मुझे शांति का अनुभव होता है क्योंकि इनकी पीठ पर जो कवच होता है उस पर गंदगी जमा हो जाने की वजह से इनकी गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है। इससे इन कछुवों को तैरने में मुश्किल होने लगती है। कुछ समय तक अगर ऐसा ही रहे तो ये कवच भी कमजोर हो जाते हैं। इसलिए कवच को साफ करना बेहद जरूरी होता है।

यह सुनकर लड़का बड़ा हैरान था। उसने फिर सवाल किया, बेशक आप बहुत अच्छा काम कर रही हैं लेकिन फिर भी आंटी एक बात सोचिए कि इन जैसे कितने कछुवे हैं जो इनसे भी बुरी हालत में हैं जबकि आप सभी के लिए ये नहीं कर सकती है। उनका क्या क्योंकि आपके अकेले के बदलने से तो कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा न। महिला उस बच्चे की बात को बड़े धैर्य से सुना और बड़ा ही संक्षिप्त लेकिन असरदार जवाब दिया। उसने कहा कि भले ही मेरे इस कर्म से दुनिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा लेकिन सोचो इस एक कछुवे की जिंदगी में तो बदलाव आएगा न।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है 

अपनी क्षमता पर भरोसा कभी नहीं छोड़ना चाहिए। कई बार आपकी छोटी सी कोशिश से कोई बड़ा बदलाव न भी आए मगर खुद आपके लिए तो यह बड़ी बात होगी ही।

जो लोग कुछ नया या हटकर काम करने के बारे में सोचते हैं, वो किसी का इंतजार नहीं करते हैं। बस अपनी काबीलियत पर भरोसा कर आगे बढ़ते हैं।

लोग क्या कहेंगे इसकी परवाह करने वाले हमेशा दूसरों के भरोसे रह जाते हैं, जबकि जो लोग इन बातों पर ध्यान नहीं देते वो अपनी मंजिल पर जरूर पहुंचते हैं।