दो गुणों को मनुष्य जीत ले तो संसार के भवसागर को पार कर सकता है

उज्जैन। श्री महावीर तपोभूमि में गुरुवार को श्रावक संस्कार शिविर में प्रभा दीदी ने प्रवचन दिए। उन्हेांने कहा आचार्य कुंदकुंद ने भगवान से पूछा मनुष्य को किस प्रकार रहना चाहिए तो ग्रंथों में उल्लेख आया मनुष्य को यतनपूर्वक चलना चाहिए, यतन पूर्वक बोलना चाहिए, यतन पूर्वक भोजन करना चाहिए एवं यतन पूर्वक उठना, बैठना और सोना चाहिए। उन्होंने मनुष्य में 9 गुण होते हैं यदि उनमें से दो गुणों को मनुष्य जीत लेता वह संसार के भवसागर से पार कर सकता है।

पहला चरण नववर्ष में और दूसरा चरण 18 वर्ष में प्रारंभ होता है। शिविर में विराजमान चैत्यालय में विराजमान श्री 1008 आदिनाथ भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य अजय कुमार मलजी पांड्या इंदौर को, प्रथम कलर्स करने का मोतीरानी वीरसेन जैन एवं सुगंधित अभिषेक करने का प्रकाशचंद मनीष कुमार जैन जयसिंहपुरा को, सुनील ट्रांसपोर्ट, धर्मचंद पाटनी अतुल सोगानी, राजेंद्र लुहाडिय़ा, वीरसेन जैन, सोहन लाल जैन,रमेश जी मीना एकता को प्राप्त हुआ। इस मौके पर कमल मोदी, इंदरमल जैन, विमल जैन, पुष्पराज जैन, सोनिया जैन,अंजू गंगवाल, सागर जैन आदि का सहयोग रहा।