द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंडमान-निकोबार में फाइटर प्लेन की तैनाती करेगा भारत

भारत ने अंडमान निकोबार में खुद को मजबूत बनाने के लिए फाइटर एयरप्लेन स्टेशन बनाने का निश्चय किया है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टस से मिली है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका होगा जब किसी फाइटर एयरप्लेन को अंडमान निकोबार में स्थिति संभालने के लिए तैनात किया जाएगा।
मलाका, सनडा और लंबोक ऐसी जगह हैं जो हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ते हैं। विश्व व्यापार का 70 फीसदी भाग इन जगहों से होकर गुजरता है।

पिछले कुछ सालों से चीन के युद्धपोतों को भारतीय सीमा मेें देखा गया है। यह हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) पर हावी होने का खेल है। हालही में भारतीय नौसेना ने बीजिंग को संदेश भेजा था कि चीनी युद्धपोत भारतीय महासागर क्षेत्र में घुस रहे हैं और हम इस पर नजर बनाये हुए हैं।

भारतीय नौसेना ने इस मामले से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की। मोदी सरकार चीन की तरफ से हो रही हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए है। अंडमान निकोबार में सुरक्षा से जुड़ा यह मामला उस वक्त सामने आया है जब पिछले महीने पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी।

भारतीय नौसेना ने 19 कैपिटल युद्धपोतों और 2 फ्लोटिंग डॉक्स की इलाके में तैनाती की है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक एयर बेस से भी निगरानी की जा रही है। आपको बता दें कि अंडमान भारत के सबसे बड़े आउटपोस्ट में से एक है।