नर्मदा का पानी पहुंचा त्रिवेणी

उज्जैन। पर्व स्नान के लिये शिप्रा नदी में शनिवार की शाम 7 बजे शिप्रा डेम के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया जो सुबह 9 बजे त्रिवेणी घाट पर मिला।इधर एसडीएम व तहसीलदार ने शिप्रा नदी के घाटों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के दौरान किसानों द्वारा नदी में डाली गईं 5 मोटरें पकड़ीं और किसानों को समझाईश देकर हटवा दीं। त्रिवेणी घाट पर आये नर्मदा पानी को फिलहाल गऊघाट बैराज पर रोकने की योजना अधिकारियों द्वारा बनाई जा रही है।

नर्मदा विकास विभाग के अधिकारियों ने चर्चा में बताया कि बीती शाम 7 बजे शिप्रा डेम से करीब 87 एमसीएफटी पानी शिप्रा नदी में छोड़ा गया था। रात भर जागकर शिप्रा डेम से त्रिवेणी घाट तक आने वाले 11 स्टापडेम केे गेट खुलवाने के साथ पानी को तेजी से त्रिवेणी घाट तक लाने के प्रयास किये गये थे और यही कारण रहा कि सुबह 9 बजे पानी यहां तक पहुंच गया। पीएचई के अधीक्षण यंत्री धर्मेन्द्र वर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व स्नान के लिये शिप्रा नदी में स्वच्छ व पर्याप्त पानी उपलब्ध है।

गंभीर नदी से एक एमसीएफटी
पानी लालपुल से छोड़ा जा रहा है इस कारण नर्मदा के पानी से त्रिवेणी बैराज भरने के बाद गऊघाट तक लाया जायेगा और दोनों बैराज पूरी क्षमता से भर जाने के बाद संक्रांति पर्व स्नान के बाद आवश्यकता हुई तो इस पानी को आगे छोड़ा जायेगा।

भूखी माता घाट पर किसानों द्वारा नदी में मोटर और पाइप डालकर की जा रही पानी चोरी को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों ने मोटरें जब्त करने की बजाए किसानों को समझाईश देकर लौटा दी जिसकी जांच करवाई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कह सकता हूं।
शशांक मिश्रा, कलेक्टर

सोमवती कुंड होने लगा खाली, अब होगी सफाई
मकर संक्रांति पर्व के बाद रणजीत हनुमान मार्ग स्थित सोमती कुंड में सोमवती अमावस्या 4 फरवरी को पर्व स्नान होना है। इस दिन हजारों श्रद्धालु शिप्रा नदी सहित सोमती तीर्थ कुंड में स्नान करते हैं। अक्षर विश्व द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित समाचार के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आये और सोमवती तीर्थ कुंड में मौजूद सदावल नाले के गंदे पानी को निकालने के लिये दो मोटरें लगाई गई हैं। पीएचई कर्मचारियों द्वारा कुंड को खाली करने का काम किया जा रहा था हालांकि जो मोटरें सोमती कुंड से पानी निकालने के लिये चलाई जा रही थी उनका विद्युत

भूखी माता घाट के पास नदी में डली 5 मोटरें हटवाईं, गऊघाट पर रोकेंगे पानी
आज दोपहर मुख्य सचिव एसआर मोहंत पर्व स्नान को लेकर प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेने उज्जैन पहुंच रहे हैं, इस दौरान मुख्य सचिव मोहंती शिप्रा नदी के घाटों की व्यवस्था भी देखेंगे। इसी के मद्देनजर एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस अधिकारी शिप्रा नदी के घाटों की सफाई व्यवस्था देखते हुए भूखी माता घाट पहुंचे थे। यहां किसानों द्वारा सिंचाई के लिये नदी में मोटरें डालकर पानी खींचा जा रहा था। इस पर अधिकारियों ने मोटर मालिक रामचंद्र माली, अशोक माली, रमेश माली सभी निवासी उजडख़ेड़ा और कमल चौधरी निवासी जयसिंहपुरा को समझाईश देकर नदी से मोटरें निकलवाईं और पाईप भी कटवाये गये।

खान का पानी रोकने के लिये मिट्टी का स्टापडेम
पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा खान 80 करोड़ की लागत वाली डायवर्शन योजना शुरू की थी जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि शासन का दावा था कि खान नदी का पानी अब शिप्रा नदी में नहीं मिल रहा, जबकि खान नदी का पानी त्रिवेणी घाट तक पहुंचकर शिप्रा नदी के साफ पानी में मिल रहा था। इस पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिये अधिकारियों द्वारा डम्परों से मिट्टी डालकर स्टापडेम बना दिया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि नर्मदा का जो साफ पानी शिप्रा नदी में लाया जा रहा है उसमें अब खान नदी का गंदा पानी नहीं मिलेगा।