पंचक्रोशी यात्रियों का नगर प्रवेश, निकले अष्टतीर्थ यात्रा पर

उज्जैन। आस्था और विश्वास की पंचक्रोशी यात्रा के बाद श्रद्धालु लौटने लगे हैं। हालंाकि गुरुवार शाम से ही छिटपुट संख्या में श्रद्धालुओं के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था। लेकिन आज बड़ी संख्या श्रद्धालुओं के समूह यात्रा से लौटकर अष्ट तीर्थ दर्शन यात्रा को रवाना हो रहे हैं। पांच दिवसीय पंचक्रोशी यात्रा पर जो श्रद्धालु दो दिन पहले ही रवाना हो गए थे। वे यात्रा पूरी कर लौटने लगे हैं। पटनीबाजार स्थित नागचंद्रेश्वर भगवान को नारियल-मिट्टी का घोड़ा चढ़ाकर यात्राबल लौटा रहे हैं तथा शिप्रा नदी कर्कराज मंदिर से शुरू होने वाली अष्टतीर्थ यात्रा के लिए प्रस्थान आरंभ हो गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिप्रा नदी से अष्टतीर्थ यात्रा मार्ग रणजीत हनुमान मंदिर, कालभैरव, बावन कुंड की ओर आगे बढ़ रहे हैं। सुबह सिद्धवट-मंगलनाथ स्नान के साथ अष्टतीर्थ यात्रा पूर्ण होगी तथा श्रद्धालु नगर के प्रमुख मंदिरों में देवदर्शन को पहुंचेंगे।

पंचकोशी यात्रियों का पीलिया खाल के समीप प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने स्वागत करते हुए उन्हें भोजन प्रसादी वितरित की। इस अवसर पर महामंडलेश्वर आचार्य शेखर पार्षद राजेश सेठी पार्षद प्रतिनिधि बुद्धि सिंह सिंगर भाजपा नेता मोहन जायसवाल गजेंद्र सकलेचा आदि मौजूद थे।

बड़ा दल कल करेगा नगर प्रवेश
पंचक्रोशी यात्रियों का करीब 20 हजार श्रद्धालुओं वाला दल कल दोपहर में कोयला फाटक से नगर प्रवेश करेगा। यह यात्री शिप्रा स्नान कर नागचंद्रेश्वर भगवान को यात्रा का बल लौटाते हुए अष्टतीर्थ यात्रा के लिए रवाना होंगे।

सोमवार को सोमवती आमवस्या स्नान
अधिकृत तिथि से बुधवार को पंचक्रोशी यात्रा शुरू करने वाले श्रद्धालु सोमवती अमावस्या को लौटेंगे तथा शिप्रा का स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। जो पंचक्रोशी यात्री समय पूर्व लौट आए हैं वे अन्य मंदिरों के दर्शन करते हुए सोमवती अमावस्या स्नान कर घरों को लौटेंगे। फिलहाल कालियादेह महल से लेकर जैथल और उंडासा व नगर में भी चार अलग-अलग दलों मेें पंचक्रोशी यात्री देवदर्शन कर रहे हैं।