पति ने पत्नी की गला काटकर की हत्या बचाने आई साली को भी चाकू से गोदा

इंदौर:रोज मारपीट करने वाले पति की शिकायत कर मूक-बधिर बहन के साथ घर लौट रही महिला की सरेराह पति ने चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। बचाव करने आई मूकबधिर साली को भी चाकू मारे और फिर बदमाश भाग गया। आरोपी पति कई दिनों से काम पर नहीं जा रहा था और रोजाना जुआं खेलता था। इसको लेकर दोनों में रोज विवाद होता था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
आजाद नगर टीआई संजय शर्मा के अनुसार मदीना नगर में रहने वाले आमिर खान ने अपनी पत्नी रुखसाना (25) की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई, जबकि उसकी मूक-बधिर छोटी बहन शहनाज (26) पर भी चाकू मारे गए। रुखसाना के छोटे भाई सलमान पिता चांद खान ने बताया कि बहन की आमिर से तीन साल पहले शादी करवाई थी। वह पुताई करता था। बाद में उसने पुताई का काम बंद कर जुआं खेलना शुरू कर दिया, जिसको लेकर रोजाना घर में विवाद होते थे। दोनों की दो बच्चियां हैं। चार महीने पहले भी रुखसाना ने पति की शिकायत की थी इसके बाद पुलिस ने परामर्श कर उनकी सुलह करवा दी थी। कुछ समय तक ठीक रहा, लेकिन बाद में फिर आमीर रुखसाना को पीटने लगा। वह तंग आ गई। शनिवार सुबह भी उसे पति आमिर ने जमकर पीटा। इस पर रुखसाना ने पास ही स्थित मायके से अपनी मूक-बधिर बहन शहनाज को लिया और थाने पहुंची।

वह पति की शिकायत कर लौट रही थी। यह बात किसी ने आमिर को बता दी। वह हाथ में चाकू लेकर घर से निकला। उसने दोनों को हक मस्जिद वाली गली में दोनों बहनों को रोका। आते ही उसने पत्नी रुखसाना के गले पर चाकू मारे और लगातार चाकू से गोदता रहा। इस दौरान शहनाज बचाने आई तो उसे भी सिर पर चाकू से वार किया। हमले के दौरान लोग देखते रहे, लेकिन कोई भी बचाने नहीं आया। जब आमिर ने देखा कि पत्नी मर चुकी है तो वह वहां से भाग गया। कुछ देर बाद लोगों ने पुलिस को खबर की। फिर दोनों को एमवायएच पहुंचाया, जहां रुखसाना को मृत घोषित कर दिया गया। शहनाज की हालत नाजुक है उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है।

तीन पर हमले की शंका
रुखसाना की हत्या के बाद आजाद नगर के कई लोग एमवायएच पहुंचे और वहां माहौल गर्मागया। लोगों ने आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस से गुहार की। पिता चांद खान ने आरोप लगाया है कि दामाद के साथ दो और लोग होने की जानकारी मिली है। उधर, मूकबधिर शहनाज का पति अनवर भी मूकबधिर है। वे दोनों कुछ माह पहले ही मायके में रहने आए थे। बहन रुखसाना से उसे थाने चलने को कहा तो वह भी साथ हो ली थी।